गाजियाबाद: केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व थल सेना प्रमुख वी. के. सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा कर रहा है लेकिन आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए पड़ोसी देश को अभी ‘‘बहुत कुछ’’ करने की जरूरत है। विदेश राज्य मंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा कि केंद्र ‘‘उचित कदम’’ उठा रहा है और ‘‘ऐसे कदमों का खुलासा नहीं किया जाता है’’। पत्रकारों ने उनसे भारत एवं पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र के अगले कदम के बारे में पूछा था।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘विंग कमांडर अभिनंदन का लौटना एक स्वागतयोग्य कदम है। हालांकि, यह कई कदमों में से पहला कदम है जो पाकिस्तान को शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए करना चाहिए। हमें आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा एक सकारात्मक और सत्यापन योग्य कार्रवाई की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा, ‘‘यह समझना होगा कि पाकिस्तान ने अभिनंदन को वापस कर कोई एहसान नहीं किया है। जिनेवा संधि के तहत, संघर्ष के दौरान पकड़े गए सैनिक को वापस लौटना पड़ता है।’’
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 के बाद हमने पाकिस्तान के 90,000 से ज्यादा युद्धबंदियों को रिहा किया था।’’
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की मेजबानी में हो रही इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) बैठक में शामिल नहीं होने के बारे में सिंह ने कहा, ‘‘यह कुरैशी की सोच है। वह जो चाहते हैं उन्हें वह करने दीजिए।’’ कुरैशी ने शुक्रवार को घोषणा की कि समूह ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को दिया गया आमंत्रण वापस नहीं लिया, इसलिए वह बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
पाकिस्तान में भारत के हवाई हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा, ‘‘ऐसे कई लोग हैं जिनके पास कोई काम नहीं है।’’ दोनों देशों के बीच कारोबारी संबंधों पर सिंह ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को दिया गया एमएफएन (सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र) का दर्जा पहले ही लिया जा चुका है। इससे वहां से आयातित सामान महंगा हो जाएगा और जाहिर है लोग महंगा सामान नहीं खरीदना चाहेंगे।’’