औगादौगू: बुर्किना फासो की राजधानी में रात के भोजन के समय एक होटल पर धावा बोलने वाले अलकायदा के आतंकवादियों के खिलाफ चल रहा अभियान पूरा हो गया है। इस दौरान 4 जिहादी और 28 अन्य लोग मारे गए। हमले में जीवित बचे लोगों और अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी अधिक से अधिक लोगों को मारने के इरादे से आए थे। होटल की तरफ बढ़ते समय उन्होंने लोगों पर गोलीबारी की और एक कैफे को आग लगा दी। कल बारह घंटे से अधिक समय के बाद जब गोलीबारी रूकी तो पता चला कि इस पश्चिम अफ्रीकी देश में हुए इस अभूतपूर्व हमले में कम से कम 28 लोगों की जान चली गई। अब तक यह देश अपने पड़ोसी देशों के विपरीत जिहादी हिंसा से अछूता था।
पेरिस से लेकर जकार्ता तक में हुए हमलों की तरह ही हमलावरों ने शुक्रवार की शाम उस क्षेत्र को निशाना बनाया जहां विभिन्न देशों के लोग मस्ती के लिए एकत्र हुए थे। हमलावरों ने होटल में प्रवेश करते समय अधिक से अधिक गैर मुसलमानों को मारने का प्रयास किया और वे अल्लाहू अकबर के नारे लगा रहे थे। बाद में अलकायदा समूह की ओर से जारी एक ऑडियो टेप में नरसंहार की जिम्मेदारी ली गई जिसका शीर्षक था 'रक्त और शरीर के अंगों से हस्ताक्षरित एक संदेश'। आतंकी हमले में मरने वाले लोग 18 अलग-अलग देशों से थे। इनमें कैपाचीनो कैफे के इतालवी मालिक की पत्नी और पांच वर्षीय पुत्री भी शामिल है। कैफे में कम से कम 10 लोग मारे गए। हमलावरों ने पास के स्प्लेंडिड होटल की तरफ बढ़ने से पहले इस कैफे में गोलीबारी की और इसे आग लगा दी। कुछ लोग जान बचाने के लिए घंटों तक रेस्तरां की छत पर और बाथरूम में छिपे रहे। फ्रांस और स्विटजरलैंड के विदेश मंत्रियों ने कल शाम अपने देशों के दो-दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि की। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदेउ ने कल एक बयान में कहा कि मरने वालों में छह कनाडाई भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए चारों हमलावर एक वाहन में आए थे जिस पर पडोसी देश नाइजर की प्लेट थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन लोगों ने पगड़ी पहन रखी थी जो अक्सर साहेल क्षेत्र में पहनी जाती है। इनमें कम से कम दो महिलाएं थीं और एक अफ्रीकी मूल का था। उनमें से कुछ अरबी लहजे में फ्रेंच बोल रहे थे जिससे ऐसा लगा कि शायद वे अफ्रीका के उत्तरी क्षेत्र से आए होंगे।