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इटानगर: पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के चलते नोआ..देहींग नदी में उफान आने से अरूणाचल प्रदेश के नामसई जिले में कई इलाकों में पानी भर गया है। एक आधिकारिक रिपोर्ट में आज बताया गया है कि बाढ़ के पानी से नामसई जिले के महादेवपुर 1, महादेवपुर 4 और काकोनी गांवों में पानी भर गया है। इसके अलावा जिले के धान के खेत भी जलमग्न हो गए हैं। न्यू सिलातू में बाढ़ के पानी से नवनिर्मित बांस की 14 पुलिया में से पांच बह गईं। जल संसाधन विकास अधिकारी हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ के पानी से पियोंग क्षेत्र के नामपोंग में तटबंध बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

नई दिल्ली: उग्रवादी संगठनों द्वारा निरंतर हिंसा, रंगदारी और धमकी के आधार पर अरूणाचल प्रदेश के 12 जिलों में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफस्पा) छह और महीनों के लिए लागू रहेगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि तिराप, चांगलांग और लांगडिंग जिलों तथा नौ अन्य जिलों के 16 पुलिस थानों के अंतर्गत क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति नगा उग्रवाद के कारण खराब बनी हुई है। नगा संगठन एनएससीएन के, एनएससीएन आईएम, एनएससीएन आर और एनएससीएन एनके के अलावा उल्फा आई और एनडीएफबी एस राज्य के इस क्षेत्र में रंगदारी, दबदबा और आपसी टकराव में लगे हुए हैं।

इटानगर: भारी बारिश से भूस्खलन के कारण अरूणाचल प्रदेश के सुदूरवर्ती अंजाव जिले में हायूलिआंग का सड़क संपर्क कट गया लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पिछले 26 दिन से अंजाव में भारी बारिश हो रही है और आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हायूलियांग का कल से ही संपर्क कटा हुआ है। कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से चिंगरालियांग गांव में तीन सरकारी भवन और सीढ़ियां ध्वस्त हो गयी। हालांकि वहां से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हायूलियांग के अतिरिक्त विकास आयुक्त बी तोवसिक ने बताया कि इलायची सुखाने वाला एक छप्पर बह गया हालांकि लोगों और सामग्री को वहां से निकाल लिया गया।

नई दिल्ली: अरूणाचल प्रदेश के अग्रिम इलाकों के पास चीनी सैन्य गतिविधियों के मुद्दे पर चिंता के बीच भारत ने चीन से लगी सीमा की हिफाजत करने वाले अर्धसैनिक बल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पूर्वोत्तर मुख्यालय को मेघालय की राजधानी शिलांग से 500 किलोमीटर दूर अरूणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । इस कवायद के तहत 2,000 से ज्यादा जवानों और अन्य सहायक कर्मियों को शिलांग से ईटानगर ले जाना होगा, संचार एवं सीमा सिग्नलों की स्थापना करनी होगी, आवास की व्यवस्था करनी होगी, भारी वाहनों, हथियारों और आर्टिलरी को मेघालय से अरूणाचल प्रदेश ले जाना होगा । दोनों राज्य देश के पूर्वी छोर पर हैं । अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2014 में अरूणाचल के लिए 175 करोड़ रूपए के बुनियादी संरचना पैकेज को मंजूर किया था जिसमें आईटीबीपी के आठ बटालियनों :8,000 जवानों: की तैनाती, 35 नई सीमा सड़कों, 54 सीमा चौकियों और वास्तविक नियंत्रण रेखा :एलएसी:के पास 72 स्टेजिंग शिविरों का निर्माण शामिल था ।

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