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नई दिल्ली: अरूणाचल प्रदेश के अग्रिम इलाकों के पास चीनी सैन्य गतिविधियों के मुद्दे पर चिंता के बीच भारत ने चीन से लगी सीमा की हिफाजत करने वाले अर्धसैनिक बल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पूर्वोत्तर मुख्यालय को मेघालय की राजधानी शिलांग से 500 किलोमीटर दूर अरूणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । इस कवायद के तहत 2,000 से ज्यादा जवानों और अन्य सहायक कर्मियों को शिलांग से ईटानगर ले जाना होगा, संचार एवं सीमा सिग्नलों की स्थापना करनी होगी, आवास की व्यवस्था करनी होगी, भारी वाहनों, हथियारों और आर्टिलरी को मेघालय से अरूणाचल प्रदेश ले जाना होगा । दोनों राज्य देश के पूर्वी छोर पर हैं । अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2014 में अरूणाचल के लिए 175 करोड़ रूपए के बुनियादी संरचना पैकेज को मंजूर किया था जिसमें आईटीबीपी के आठ बटालियनों :8,000 जवानों: की तैनाती, 35 नई सीमा सड़कों, 54 सीमा चौकियों और वास्तविक नियंत्रण रेखा :एलएसी:के पास 72 स्टेजिंग शिविरों का निर्माण शामिल था ।

ईटानगर: अरूणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मूसलाधार बारिश की वजह से आज (शुक्रवार) हुए भूस्खलन की चपेट में कामगारों का एक शिविर आ गया जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लापता है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मौके से 16 शवों को और एक जख्मी व्यक्ति को निकाला गया है। दो अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अतिरिक्त उपायुक्त (मुख्यालय) लोड गमबो ने बताया कि तड़के करीब साढ़े तीन बजे यह घटना उस समय हुई जब 17 श्रमिक शिविर के भीतर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। यह स्थान तवांग शहर से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और चीन की सीमा से लगता है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं और बचाव तथा राहत अभियान चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानें जाने पर दुख प्रकट किया है। एक संदेश में प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों को अपनी संवेदनाएं दी हैं। जिला प्रशासन ने बचाव अभियान में व्यक्तियों और सामग्री को लगाया है जिसमें दो जेसीबी मशीनें शामिल हैं। भूस्खलन के कारण न्यू लेबरांग और सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बीच पीडब्ल्यूडी रोड भी अवरूद्ध हुआ है। इलाके की रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें है। जिले में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और इससे जल विद्युत परियोजना किटपी के चरण एक और चरण दो को भारी नुकसान पहुंचा है।

ईटानगर: अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कलिखो पुल और विधानसभा अध्यक्ष वांगकी लोवांग सहित 29 विधायक पीपल्स पार्टी ऑफ़  अरूणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए जो राज्य की एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी है। कांग्रेस के दो विधायक एलो लिबांग (तूतिंग-यिंगकियोंग विधानसभा क्षेत्र) और तूतिंग जामोह (पासीघाट पश्चिम क्षेत्र) भी बुधवार रात पुल के साथ आ गए जो पहले नबम तुकी का समर्थन कर रहे थे। कांग्रेस के इन दो विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 15 रह गई है। 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 11 सदस्य हैं और दो विधायक निर्दलीय हैं। विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए पुल ने कहा कि कल रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान सभी 30 विधायकों ने राज्य के संपूर्ण विकास के लिए पीपीए में शामिल होने का निर्णय किया। उन्होंने कहा, ‘यह सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। हम ऐसा निर्णय करने को बाध्य थे क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने नेतृत्व बदलने के हमारे बार..बार के आग्रह पर ध्यान नहीं दिया।

इटानगर: अरूणाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने मौजूदा प्रभावी संख्या 58 में से 40 विधायकों के समर्थन के साथ विश्वास मत जीत लिया। राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा ने गुरुवार 25 फरवरी से 27 फरवरी तक के लिए विधानसभा का सातवां सत्र आहूत किया। पुल को तीन महीने की राजनैतिक अस्थिरता के बाद गत 19 फरवरी को राज्य के आठवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। आठ विधायकों का समर्थन मिलने से पुल समर्थक विधायकों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है जिसमें कांग्रेस के 28, भाजपा के 11 और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं। सदन में कुल विधायकों की संख्या फिलहाल 58 है, हालांकि विधानसभा की मूल क्षमता 60 है। उच्चतम न्यायालय ने दो कांग्रेसी विधायकों गैब्रियल डेनांग वांगसू और वांगलिन साविन के इस्तीफा मामले में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था।

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