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गुवाहाटी: कांग्रेस ने असम में राज्‍यसभा की एक सीट भाजपा के हाथों गंवा दी है। संसद के उच्‍च सदन की दो सीटों के लिए गुरुवार को वोटिंग हुई थी। एक अन्‍य सीट पर भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल की है। दरअसल, कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष के उम्‍मीदवार की वोटों की गिनती कम हो गई क्‍योंकि कांग्रेस ने अपने एक विधायक को बैलेट पेपर पर '1' के बजाय 'एक' लिखने पर कथित तौर पर वोट को बरबाद करने का आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सिद्दीक अहमद के निलंबन का असर इसी पार्टी के रिपन बोरा की 'संभावनाओं' पर पड़ा है।

कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, 'सिद्दीक ने इरादतन तीन लाइन के व्हिप का उल्‍लंघन किया।' असम की दो राज्‍यसभा सीटों के लिए आज मतदान हुआ। पहली सीट पर भाजपा के प्रत्‍याशी पबित्रा मार्गेरिटा निर्विरोध जीतीं। दूसरी सीट को लेकर संघर्ष था यहां विपक्ष के प्रत्‍याशी रिपन बोरा थे, जबकि भाजपा अपने सहयोगी यूपीपीएल के प्रत्‍याशी रंगवरा नारजेरी का समर्थन कर रही थी। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमाक्रेटिक फ्रंट भी बोरा के समर्थन में था। इस सीट पर जीत के लिए किसी भी प्रत्‍याशी को 43 वोट की जरूरत थी।

नई दिल्ली: केरल के उपराज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि हिजाब को लेकर चल रहा विवाद मुस्लिम महिलाओं को पीछे धकेलने का कोई विवाद नहीं बल्कि एक साजिश है। अब असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी हिजाब मामले को लेकर बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि हिजाब को लेकर कोई विवाद होना ही नहीं चाहिए। अगर कुरान शरीफ का अध्ययन ठीक से किया जाए तो उसमें शिक्षा पर जोर है, हिजाब पर नहीं। अब सवाल यही है कि शिक्षा जरूरी है या हिजाब। मुस्लिमों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षा को लेकर है।

इससे पूर्व केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को हिजाब विवाद को एक ‘‘साजिश'' करार दिया और कहा कि यह पसंद का मामला नहीं है, बल्कि सवाल है कि क्या कोई व्यक्ति किसी संस्थान के नियमों, ड्रेस कोड का पालन करेगा या नहीं। कर्नाटक में मुद्दे पर छिड़े विवाद के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि ‘‘कृपया इसे विवाद के रूप में न लें...यह एक साजिश है।''

गुवाहाटी: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि करदाताओं द्वारा वित्त पोषित मदरसे अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित और प्रशासित अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हैं। साथ ही कोर्ट ने ऐसे मदरसों को स्कूलों में बदलने के लिए लाए गए नए कानून के खिलाफ एक याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया ने कहा कि राज्य की विधायी और कार्यकारी कार्यवाही के जरिये किया गया परिवर्तन सिर्फ 'प्रांतीय' मदरसों के लिए है, जो सरकारी स्कूल हैं, न कि निजी या सामुदायिक मदरसों के लिए।

अदालत ने पिछले साल 13 लोगों द्वारा दायर असम निरसन विधेयक-2020 की वैधता को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा, "हमारे जैसे बहु-धार्मिक समाज में किसी एक धर्म को राज्य द्वारा दी गई वरीयता, भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के सिद्धांत को खारिज करती है। यह राज्य की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति है जिसके लिए अनिवार्य है कि पूरी तरह से राज्य के धन से बनाए गए किसी भी शैक्षणिक संस्थान में कोई भी धार्मिक निर्देश नहीं दिया जाएगा।"

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 टीकाकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो लोग वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, उन्हें घर पर रहना चाहिए। यहां मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'कोविड -19 के खिलाफ टीकाकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन बिना वैक्सीन लगवाए हुए लोग बैठकों में शामिल नहीं हो सकते हैं, कार्यालयों और रेस्तरां में नहीं जा सकते। जो लोग वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, वे घर पर रह सकते हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने जो कहा है, वही राज्य सरकार भी कह रही है। उन्होंने कहा, 'असम में, यदि जरूरत होगी तो कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखाना होगा। हम जनविरोधी कार्य नहीं होने दे सकते। 'उन्होंने ये भी कहा कि गुवाहाटी में 100 फीसदी लोगों को पहली और दूसरी डोज लग चुकी है। इस बीच, असम सरकार ने रात के कर्फ्यू के समय को भी अगले आदेश तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बदल दिया है। इससे पहले, असम में रात के कर्फ्यू का समय सुबह 11.30 बजे से शाम 6 बजे तक था।

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