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गुवाहाटी: गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि बारपेटा अदालत ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में जमानत देने के अपने आदेश में की गई टिप्पणियों में ‘‘हद पार कर दी'' और इसने पुलिस बल तथा असम सरकार का ‘‘मनोबल'' गिराया।

न्यायमूर्ति देवाशीष बरुआ ने बारपेटा जिला और सत्र न्यायाधीश अपरेश चक्रवर्ती द्वारा की गई टिप्पणियों को चुनौती देने वाली असम सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हालांकि दलित नेता और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक मेवानी को जमानत दिए जाने पर कोई राय नहीं दी।

बारपेटा अदालत ने मेवानी के खिलाफ 'झूठी प्राथमिकी' दर्ज करने को लेकर राज्य पुलिस की खिंचाई की थी और उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह असम पुलिस को 'वर्तमान मामले की तरह झूठी प्राथमिकी दर्ज करने से रोकने एवं आरोपियों को गोली चलाकर मारने या घायल करने वाले पुलिसकर्मियों को लेकर निर्देश देने पर विचार करे जो राज्य में रोजमर्रा की चीज बन गई है।'

गुवाहाटी: असम की एक अदालत ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणीको एक महिला कांस्टेबल पर कथित हमले के "निर्मित मामले" ("मैंन्युफैक्चरर्ड केस") में फंसाने की कोशिश करने के लिए राज्य पुलिस की कड़ी आलोचना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट के मामले में असम की एक अन्य अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के तुरंत बाद 25 अप्रैल को असम पुलिस ने एक "निर्मित" हमले के मामले में जिग्नेश को गिरफ्तार कर लिया था। उस मामले में असम के बारपेटा की अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए शुक्रवार (29 अप्रैल) को यह टिप्पणी की।

इतना ही नहीं, बारपेटा सेशन कोर्ट ने मेवाणी को जमानत देने के अपने आदेश में गुवाहाटी हाईकोर्ट से राज्य में हाल के दिनों में पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ एक याचिका पर विचार करने का भी अनुरोध किया है। सत्र अदालत ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से यह भी आग्रह किया है कि वह असम पुलिस को बॉडी कैमरा पहनने और अपने वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दे ताकि किसी आरोपी को हिरासत में लिए जाने पर घटनाओं के क्रम को रिकॉर्ड किया जा सके।

दीफू (असम): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र से आफस्पा को पूरी तरह हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां एक ‘‘शांति, एकता और विकास’’ रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पिछले आठ वर्षों में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में सुधार आने के बाद हटाया जा सका है।

गौरतलब है कि केंद्र ने नगालैंड, असम और मणिपुर में आफस्पा के तहत आने वाले प्रभावित इलाकों को दशकों बाद एक अप्रैल से कम करने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ‘डबल इंजन’ सरकार का प्रभाव असम में स्थायी शांति और तेज गति से विकास के लौटने से दिखायी देता है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता ‘‘डबल इंजन’’ शब्द का इस्तेमाल पार्टी के केंद्र के साथ ही राज्य में भी सत्ता में रहने पर करते हैं। मोदी ने कहा कि सरकार ने असम के कार्बी आंगलोंग और त्रिपुरा में शांति समझौते किए हैं जबकि पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति लाने एवं तेज गति से विकास करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गुवाहाटी: गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को असम के कोकराझार कोर्ट से सोमवार को जमानत मिल गई। विधायक को पिछले हफ्ते अचानक गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें बाद में एक अन्य मामले को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। दोबारा गिरफ्तारी के बाद मेवानी को कोकराझार जिले से बारपेटा ले जाया जा रहा है, जो यहां से तीन किलोमीटर दूर है। पुलिस का कहना है कि एक अन्य मामले में जमानत मिलने के बाद मेवानी ने अधिकारियों पर हमला किया, जिसमें उन्हें गिरफ्तार किया गया है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करने को लेकर उनके खिलाफ पहला केस दर्ज कराया गया था। कोकराझार की एक अदालत ने गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी को रविवार को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

बता दें असम पुलिस ने मेवानी को प्रधानमंत्री के खिलाफ ट्वीट करने के मामले में बुधवार को गुजरात से गिरफ्तार किया था। इसके बाद वो तीन दिन की पुलिस हिरासत में थे। रविवार देर शाम उन्हें अदालत में पेश किया गया। इस मामले में जिरह दो घंटे से अधिक समय तक रात साढ़े नौ बजे तक चली थी।

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