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गुवाहाटी: भारत ने सीमापार आतंकवाद को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। असम दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सीमा पार से आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से जरा भी नहीं हिचकिचाएगा। राजनाथ ने कहा कि भारत यह संदेश देने में सफल रहा है कि आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि बांग्लादेश से घुसपैठ लगभग बंद हो गई है, देश की पूर्वी सीमा पर शांति और स्थिरता है। राजनाथ ने यह संदेश ऐसे वक्त दिया है, जब एक दिन पहले जम्मू के सुजवां में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार को जम्मू दौरा होने वाला है। रक्षा मंत्री ने गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव कालक्षेत्र पुरस्कार समारोह में शिरकत की।

असम सरकार ने यह समारोह वर्ष 1971 के युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान में आयोजित किया है। इन शहीदों ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में हिस्सा लिया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, उनके कैबिनेट के सहयोगी और शीर्ष अधिकारी भी इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे।

कोकराझार: गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक अदालत ने तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। इससे पहले निर्दलीय विधायक को एक कथित ट्वीट के कारण गिरफ्तार कर असम लाया गया था। कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक मेवानी को शाम को अहमदाबाद से गुवाहाटी होते हुए कोकराझार लाया गया और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।

मेवाणी के वकील मनोज भगवती ने बताया, 'पुलिस ने 14 दिन की हिरासत मांगी, जिस पर हमने आपत्ति जताई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया और कहा कि इस दौरान उन्हें कोकराझार के बाहर कहीं भी नहीं ले जाया जा सकता है।' भगवती, जिन्हें असम कांग्रेस द्वारा मेवाणी के सहयोगी के रूप में नियुक्त किया गया था, ने कहा कि मेवाणी की ओर से दायर जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया।

कोकराझार पुलिस थाना में भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मेवानी को बुधवार रात गुजरात के पालनपुर शहर से गिरफ्तार किया गया था।

गुवाहाटी: असम में सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस छोड़ दी है। वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बता दें कि कांग्रेस ने बोरा को संसद के ऊपरी सदन के चुनाव के लिए फिर से उम्मीदवार बनाया था। असम में विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर वह राज्यसभा चुनाव हार गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता पूर्वोत्तर राज्य में भाजपा के साथ सांठगांठ करके काम कर रहे हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने बोरा के पार्टी ज्वाइन करने को लेकर खुशी जताई है।

वहीं असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि अगर कल एक और राज्यसभा चुनाव होता है, तो कांग्रेस विधायक उन्हें वोट देंगे। यह सच है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 9-10 विधायकों ने वोट दिया या हमारी मदद की और अगर कल फिर राज्यसभा चुनाव होते हैं, तो वे मेरी मदद करेंगे। चाहे आप इसे कांग्रेस के साथ उनका विश्वासघात कहें या मेरे लिए उनका प्यार। लेकिन तथ्य यह है कि अगर कल राज्यसभा चुनाव होते हैं, तो वे फिर से मेरी मदद करेंगे।

नई दिल्ली: असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा टीएमसी में शामिल हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में बोरा ने टीएमसी की सदस्यता ग्रहण की है। इसके पहले भी कई बड़े नेता टीएमसी की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। बता दें कि अभी हाल ही में टीएमसी ने आसनसोल लोकसभा सीट और बालीगंज विधानसभा उपचुनावों में बड़ी जीत दर्ज की है।

टीएमसी ने ट्वीट कर बोरा का स्वागत किया और कहा कि रिपुन बोरा पूर्व पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री, असम में शिक्षा मंत्री, पूर्व राज्यसभा सांसद और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष का स्वागत करते हुए पार्टी को खुशी हो रही है। वह आज सांसद अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में हमारे साथ शामिल हुए हैं।

पार्टी में शामिल होने के साथ ही बोरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए हुए हैं।

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