ताज़ा खबरें
बिहार में चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार, सात बीजेपी विधायक बने मंत्री
महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में आखिरी स्नान, संगम में लाखों ने लगाई डुबकी
सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं साल में दो बार होंगी, नए नियम जारी

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी पूर्व आईएएस नेतराम के ठिकानों पर आयकर छापे बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहे। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार करीब सौ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का ब्योरा मिलने की संभावना है। वहीं इनके अलग-अलग आवासों से दो करोड़ रुपये से अधिक कैश बरामद हुआ है। तीस से अधिक शेल कंपनियों में निवेश की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा हवाला कारोबार में भी जुड़े होने की कुछ सबूत मिले हैं।

आयकर विभाग अघोषित संपत्ति, लॉकर और अन्य दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के लिए बड़ी टीम के साथ जुटा है। यह छापेमारी आयकर विभाग की दिल्ली टीम ने की। कई बेनामी अचल संपत्तियां होने की भी आशंका है। आयकर विभाग की जांच टीमों ने मंगलवार को पूर्व आईएएस अधिकारी नेतराम और राजधानी के प्रमुख कपड़ा कारोबारी प्रतिष्ठान गाढ़ा भण्डार के 11 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे, जो बुधवार को भी जारी रहे।

प्रदेश की बसपा सरकार में प्रमुख सचिव रहे और बसपा प्रमुख मायावती के करीबी पूर्व आईएएस अधिकारी नेतराम के दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई ठिकानों पर आयकर छापे की कार्रवाई खासी चौंकाने वाली रही। आयकर विभाग के अनुसार अब की कार्रवाई में नेतराम के लखनऊ के आवास से लाखों रुपये, दिल्ली स्थित एक मकान से 86 लाख रुपये और उनसे जुड़े एक व्यक्ति से लाखों रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा 50 लाख रुपये एक लॉकर में रखे होने की जानकारी मिली है। इसकी जांच चल रही है। हालांकि आयकर विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।

आशंका जताई जा रही है कि नेतराम की 30 मुखौटा कंपनियां हैं। उनमें उनके करीबी, रिश्तेदार और परिवार के सदस्य शेयरधारक और निदेशक हैं। इन्हीं करीबियों के जरिए कंपनियों का कामकाज कागजों में चलाया जा रहा था। आयकर अधिकारियों ने बताया कि अपने रिश्तेदारों को इन कंपनियों के शेयर उपहार में दिए थे। उनके आरोप हैं कि बच्चे इन कंपनियों के बैंक खातों को चलाते हैं। इन कंपनियों के माध्यम से कोलकाता के हवाला ऑपरेटर के माध्यम से 95 करोड़ रुपये लिए थे। इसकी इंट्री खातों में दिखी। बाद में इस पैसे से कई जमीनें खरीदी गईं। इसके अलावा डायरियां मिली हैं, जिनमें हाथ से इंट्री दर्ज हैं और अन्य ब्यौरा लिखा गया है कि किस तरह इन शेल कंपनियों को खरीदा और निवेश किया गया।

50 लाख का पेन नेतराम के पास

50 लाख रुपये का बेशकीमती मोंट ब्लांक पेन बरामद हुआ है। इसके अलावा अलग-अलग ठिकानों से चार बेनामी लग्जरी कारें मिली हैं। इनमें दो मर्सडीज और दो फार्रच्यूनर हैं। लखनऊ और दिल्ली में उनके मकानों पर मिनी थिएटर, जिम, बेहद कीमती इंटीरियर और फिटिंग्स मिले हैं।

कपड़ा व्यवसायी ने 150 करोड़ से अधिक की टैक्स हेराफेरी की

आयकर की जांच टीमों ने मंगलवार को ही लखनऊ के प्रमुख कपड़ा व्यावसायी गाढ़ा भण्डार के मालिक विष्णु वल्लभ रस्तोगी के दुगावां स्थित आवास पर सुबह छह बजे से ही पड़ताल शुरू कर दी थी, जो अगले दिन बुधवार तक जारी रही। आयकर सूत्रों के अनुसार कपड़ा व्यवसायी ने करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स हेराफेरी की है। इसमें गलत बिलिंग, आय कम दिखाना सहित कई अन्य तरह की हेराफेरी सामने आई है। गाढ़ा भण्डार लखनऊ का बहुत पुराना कपड़ा कारोबारी प्रतिष्ठान है। हाल के कुछ वर्षों में इस प्रतिष्ठान ने अपना दायरा बढ़ाते हुए इंदिरानगर, आलमबाग आदि इलाकों में भव्य शोरूम खोले थे। नोटबंदी के दौरान इन्होंने काफी कैश बैंकों में जमा किया था। हालांकि बाद के वर्षों में प्रतिष्ठान की आय को बेहद कम दिखाया गया। टैक्स हेराफेरी, बिलिंग में गड़बड़ी आदि आयकर अफसरों को ने पकड़ी।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख