लखनऊ: अपने बड़बोलेपन के कारण भाजपा नेतृत्व को कई बार धर्मसंकट में डॉल चुके पार्टी के उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज को अपना टिकट कटने की आशंका सताने लगी है। इसीलिए उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय को पत्र लिखकर यह जताया है कि उनके क्षेत्र में सबसे ज्यादा पिछड़ा वर्ग के मतदाता हैं। बाकी जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर जिले के विधायक तक सवर्ण व अनुसूचित जाति के हैं। ऐसे में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मांग की है कि एक बार फिर उन्हें टिकट दिया जाए। प्रदेश अध्यक्ष से अपेक्षा भी की है कि वह उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सात मार्च को लिखे अपने सिफारिशी पत्र में साक्षी महाराज ने बताया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने तीन लाख 15 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। सपा दूसरे नम्बर पर रही थी। कांग्रेस की 2009 में सांसद रहीं अन्नू टंडन और बसपा उम्मीदवार की तो जमानत जब्त हो गई थी। इस बार भी पिछली बार हार चुके अरुण कुमार शुक्ला व अन्य किसी के लड़ने की संभावना है।
उन्होंने ओबीसी प्रत्याशी के तौर अपने को ही फिर से टिकट देने की वजह बताई कि लोधी, कहार, निषाद, कश्यप व मल्लाह पांच लाख की तादाद में हैं। शेष अन्य पिछड़ा वर्ग भी इतना ही है। ब्राह्मण एक लाख 90 हजार, क्षत्रिय डेढ़ लाख, अनुसूचित जाति-जनजाति साढ़े छह लाख, मुस्लिम एक लाख 20 हजार और अन्य सवर्ण करीब 50 हजार है।
उन्होंने पत्र में बताया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सिंह सेंगर-ठाकुर, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर- ठाकुर, अनिल सिंह-ठाकुर एमएलसी राजबहादुर चंदेल-ठाकुर, विधायक व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित-ब्राह्मण, विधायक ब्रजेश रावत-पासी, विधायक बम्बा लाल दिवाकर-धोबी, विधायक पंकज गुप्ता-वैश्य और एमएलसी अरुण कुमार पाठक-ब्राह्मण हैं। साक्षी महाराज ने बताया कि भाजपा ने 15 साल बाद मेरे द्वारा यह सीट जीती गई थी। उन्नाव में पार्टी को खड़ा कर उसे मजबूत करने का काम भी उन्होंने ही किया।
इसके साथ ही सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी अन्य सीट से लड़ने का नहीं है। इस बारे में सांसद साक्षी महाराज ने बताया कि लोग गलत नीयत से इस पत्र को वायरल कर रहे हैं जबकि केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर ही यह आवेदन के प्रारूप में मैंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से खुद को टिकट दिए जाने का आग्रह किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि सम्मानीय सांसद का पत्र मुझे अभी तक नहीं मिला है। मुझे इस बारे में मीडिया से ही जानकारी हासिल हुई है।