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लखनऊ: स्मारक घोटाले में ईडी ने आज लखनऊ में कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। ईडी टीम ने गोमतीनगर, अलीगंज, हजरतगंज और शहीद पथ के पास इंजीनियर और ठेकेदारों के छह ठिकानों को घंटों खंगाला। आपको बता दें कि मायावती के शासन काल में नोएडा और लखनऊ में पार्कों और स्मारकों का निर्माण कराया गया था जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले होने की बात कही गई थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ता संभालते ही पार्कों और स्मारकों में पत्थरों को लगाने में हुए घोटाले की जांच उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त से करने की सिफारिश की थी। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने अपनी जांच रिपोर्ट में 1400 करोड़ रुपये के घोटले की पुष्टि करते हुए 19 लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की सिफ़ारिश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की थी। लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री को भेजी अपनी सिफारिश में कहा था जो चौदह अरब से ज़्यादा के खर्च पत्थरों पर किए गए हैं उसमें हुए भ्रष्टाचार के पैसे की वसूली की जानी चाहिए।

समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने स्मारक घोटाले में ईडी के छापों को भाजपा की हताशा का नतीजा बताया। संसद भवन में पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बाद भाजपा नेतृत्व बौखला गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश में अपनी हार साफ नजर आ रही है। लिहाजा वह सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर रहे हैं। सपा सांसद ने कहा कि युवा, दलित, पिछड़े और अल्प संख्यक वर्ग के लोग भाजपा इन हरकतों से वाकिफ है। लिहाजा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना होगा।

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