देहरादून: उत्तराखंड के राज्यपाल केके पाल ने रावत सरकार को 28 मार्च तक सदन में बहुमत साबित करने को कहा। मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले ही कह चुके हैं कि उनकी सरकार अल्पमत में नहीं है और वे बहुमत साबित करने को तैयार हैं। उत्तराखंड के उद्यान और स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री हरक सिंह को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया है। हरक कांग्रेस के नौ बागी विधायकों के गुट की अगुवाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को हरक को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश कर दी थी। बागियों पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। हरक के अलावा सरकार उत्तराखंड के एडवोकेट जनरल यूके उनियाल को बर्खास्त कर दिया गया है। कैबिनेट के निर्णय पर राज्यपाल ने यह उठाया कदम है। उत्तराखंड में राजनीतिक संकट आज और गहराने के बीच कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों का समर्थन होने का दावा करते हुए भाजपा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को हटाने के लिए प्रयास तेज कर दिए वहीं रावत ने जोर दिया कि वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को तैयार हैं। कांग्रेस और भाजपा द्वारा अपने-अपने दावे किए जाने के बीच विधानसभाध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि दलबदल कानून मौजूद है और जो कोई इसके उल्लंघन के दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, विधानसभा में जब पूर्ववर्ती विधेयक पास हुआ, उस समय सभी कांग्रेस विधायकों ने सरकार के साथ मतदान किया और किसी ने विधेयक को चुनौती नहीं दी। यहां तक कि भाजपा ने भी ध्वनिमत को स्वीकार किया। उनके खिलाफ भाजपा के अविश्वास प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर कुंजवाल ने कहा, हम देखेंगे कि यह विधानसभा में कब आता है। विधानसभा के सदस्य इस पर चर्चा करेंगे और फैसला करेंगे कि अविश्वास संबंधी नोटिस वैध है या नहीं। इस बीच भाजपा पर हमला बोलते हुए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक सत्ता और धन का लोभ दे कर गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करना चाहते हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दिल्ली में कहा, मोदी और शाह की जोड़ी इस देश में निर्वाचित सरकारों को जबरन हटाने के लिए बदनाम है। एक नापाक साजिश से चुनी हुई सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। अरूणाचल प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड है।