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लद्दाख: केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में केंद्र सरकार नए बदलाव करने जा रही है। लद्दाख में केंद्र सरकार ने पांच नए जिले बनाने का फैसला किया है। इस बात का एलान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने एक्स हैंडल से जानकारी देते हुए कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी के अनुसरण में विकसित और समृद्ध लद्दाख बनाने के दृष्टिकोण के तहत गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश में पांच नए जिले बनाने का निर्णय लिया है।

लोगों के लिए हरसंभव अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध: शाह 

नए जिलों में जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग शामिल हैं। शाह ने लिखा, हर कोने में शासन को मजबूत करके लोगों को मिलने वाले लाभों को उनके दरवाजे तक ले जाएंगे। मोदी सरकार लद्दाख के लोगों के लिए प्रचुर अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उत्तर भारत मे मौजूद लद्दाख साल 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा था। लेकिन 2019 में परिसीमन के बाद इसे जम्मू-कश्मीर से अलग कर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया।

जम्मू: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार (26 अगस्त) को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में 44 प्रत्याशियों को अलग-अलग सीटों से टिकट दिए गए थे। हालांकि, बीजेपी की पहली लिस्ट जारी होने के महज 2 घंटे के भीतर ही उसे वापस ले लिया गया है। पार्टी अब इस लिस्ट में सुधार और बदलाव करने वाली है, जिसके बाद नए सिरे से प्रत्याशियों की सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। पहले चरण के 15, दूसरे चरण के दस और तीसरे चरण के 19 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई थी।

दोनों पूर्व उपमुख्यमंत्रियों को नहीं दिया था टिकट

पहली लिस्ट में पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह को टिकट नहीं दिया गया था। 2014 में निर्मल सिंह ने बिलावर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इनके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता को भी टिकट नहीं मिला था। बताया जा रहा है कि उनका नाम अगली सूची में हो सकता है। इस सूची में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना का भी नाम नहीं था।

जम्मू: डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) ने आखिरकार जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए 13 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इससे गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस में जाने की अटकलों पर भी फिलहाल पूर्ण विराम लग गया है।

वहीं आम आदमी पार्टी ने सात उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इसमें पुलवामा से फयाज अहमद सोफी, राजपोरा से मुद्दसीर हुसैन, देवसर से शेख फिदा हुसैन, दौरू से मोहसिन शाफकत मीर, डोडा से मेहराज दीन मलिक, डोडा वेस्ट से यासिर सफी मट्टो और बनीहाल से मुद्दसीर अजमत मीर को मैदान में उतारा है।

इसके अलावा पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की भी सूची जारी की है, जिसमें अरविंद केजरीवाल, सुनीता केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम प्रमुख है।

डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी की ओर से जारी पहली सूची में आजाद के करीबी गुलाम मोहम्मद सरूरी का नाम नहीं है। वह इंद्रवल से विधायक रहे हैं। राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। इस बार तीन चरणों में मतदान होगा। वोटों की गिनती चार अक्टूबर को होगी। चुनावी बिगुल बजने के बाद कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के साथ गठबंधन किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन पर 10 तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में कांग्रेस देश की एकता और सुरक्षा को बार-बार खतरे में डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भारत की राष्ट्रीय अखंडता को कई बार खतरे में डाला है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में कांग्रेस ने एक बार फिर अब्दुल्ला परिवार से गठबंधन किया है। ये दिखाता है कि उनकी नीयत ठीक नहीं है।

शाह ने कहा, सत्ता के लालच में बार-बार देश की एकता और सुरक्षा से खेलने वाली कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर चुनाव में अब्दुल्ला परिवार की नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन कर अपने मंसूबों को देश के सामने रखा है। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणा पत्र के वादों पर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से सोशल मीडिया मंच एक्स पर दस सवाल पूछे हैं।

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