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मदुरै: मद्रास हाई कोर्ट ने आज (बुधवार) व्यवस्था दी कि कोई व्यक्ति यदि अपने ससुराल वालों से व्यापार करने के लिए धन मांगता है तो यह ‘दहेज’ की श्रेणी में नहीं आता। दहेज उत्पीड़न की एक शिकायत के खिलाफ एक व्यक्ति के परिवार की याचिका का निस्तारण करते हुए मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति सीटी सेल्वम ने कहा कि कोई व्यक्ति यदि कारोबार में निवेश करने के लिए अपनी पत्नी और ससुराल वालों से पैसे मांगता है तो इसे दहेज की मांग नहीं माना जा सकता और इस मामले में दहेज रोकथाम कानून, 1961 की धारा 4 के तहत मुदकमा नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि इसके लिए यह साबित करना जरूरी है कि पैसा केवल दहेज के रूप में मांगा गया है। न्यायाधीश ने शिकायती के ससुर को बरी करते हुए कहा कि वह मामले से किसी तरह नहीं जुड़े थे।

उन्होंने हालांकि पीडिता के पति, सास और दो ननदों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी।

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