ताज़ा खबरें
कांग्रेस सांसद प्रतापगढ़ी पर दर्ज एफआईआर रद्द करने का सुप्रीम आदेश
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में मुठभेड़, तीन आतंकी ढेर, चार जवान शहीद

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार को 104 पूर्व आईएएस अधिकारियों ने पत्र लिखकर कहा है कि विवादास्पद धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश ने राज्य को "घृणा, विभाजन और कट्टरता की राजनीति के केंद्र बना दिया है।" पत्र लिखने वालों में पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव, प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार टीकेए नायर  भी शामिल हैं। पत्र के माध्यम से उनलोगों ने मांग की है कि अवैध अध्यादेश को वापस ले लिया जाए, हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सहित सभी राजनेताओं को "संविधान के बारे में अपने आप को फिर से शिक्षित करने की जरूरत है, जिसे आपने बरकरार रखने के लिए शपथ ली है।"

पत्र में कहा गया है कि यूपी, जिसे कभी गंगा-जमुनी तहजीब को लेकर जाना जाता था,  वो अब घृणा, विभाजन और कट्टरता की राजनीति का केंद्र बन गया है और शासन की संस्थाएं अब सांप्रदायिक जहर में डूबी हुई हैं।"  उत्तर प्रदेश में युवा भारतीयों के खिलाफ आपके प्रशासन द्वारा किए गए जघन्य अत्याचारों की एक श्रृंखला तैयार हो गयी है। जो भारतीय बस एक स्वतंत्र देश के स्वतंत्र नागरिक के रूप में अपना जीवन जीना चाहते हैं।"

लखनऊ: लगातार दो दिनों तक 24 घंटे में मिलने वाले पाजिटिव केसों की संख्या एक हजार से नीचे रहने के बाद मंगलवार को यह आंकड़ा फिर से हजार के आंकड़े को पार कर गया। मंगलवार को 1044 लोग पाजिटिव पाए गए जबकि इसी अवधि में 1369 कोरोना संक्रमित संक्रमण से ठीक होने के कारण डिस्चार्ज किए गए। हालांकि पूर्व के दो दिनों की अपेक्षा मरने वालों की संख्या अधिक रही। इस दौरान 18 लोगों की मौत हुई है।

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में बीते एक दिन में कुल 1,32,471 सैम्पल की जांच की गई, इस तरह प्रदेश में अब तक कुल 2,36,40,902 सैम्पल की जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 1021 नए मामले आए हैं जबकि इसी अवधि में 1369 संक्रमित ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए हैं।

लखनऊ: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से फर्जी चेक पर फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कर छह लाख  रुपए निकालने वाले चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पकड़े गए तीन आरोपी मुम्बई के जबकि एक आरोपी थाणे का रहना वाला है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, चेक बुक,  एटीएम,  पैन कार्ड व आधार कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस इस धोखाधड़ी के मास्टर माइंड वाराणसी निवासी पांचवें आरोपी की तलाश में जुट गई है। एसएसपी दीपक कुमार ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। पुलिस लाइंस सभाकक्ष में उन्होंने बताया कि नौ सितम्बर को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से फर्जी चेक व फर्जी हस्ताक्षर से छह लाख रुपए निकाल लिए गए थे। इस वारदात की जानकारी ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय की ओर से पुलिस को दी गई। पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू की।  

एसएसपी ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के बाद चार आरोपी मुम्बई निवासी प्रशांत महावल शेट्टी, शंकर सीताराम गोपाले व संजय तेजराज सहित थाणे निवासी विमल लल्ला को राम की पैड़ी से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

मेरठ: यूपी में कोरोना के नए स्‍ट्रेन का पहला केस मेरठ से मिला है। दो साल की बच्‍ची में नए वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो गई है। यह परिवार 15 दिसम्‍बर को ब्रिटेन से मेरठ आया था। चार दिन पहले तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। नए स्‍ट्रेन की जांच के लिए इनके सैंपल दिल्‍ली भेजे गए थे। बच्‍ची के सैंपल में संक्रमण मिलने के बाद लैब से सीधे शासन को रिपोर्ट भेजकर जानकारी दी गई। बच्‍ची में नए स्‍ट्रेन पाए की पुष्टि मेरठ के डीएम ओर स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने की है। 

बच्‍ची में संक्रमण मिलने के बाद उसके घर के आसपास के इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है। बच्‍ची के माता पिता भी कोरोना की चपेट में हैं। हालांकि वे कोरोना के नए स्‍ट्रेन से संक्रमित नहीं हैं। बच्‍ची या इस परिवार के सम्‍पर्क में आए या फिर आसपास रहने वाले लोगों की लगातार जांच कराई जा रही है। 

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख