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नोएडा: मैं युवती से पहले नहीं मिला था। आज उसने एक चिट्ठी दी, जिसमें दो बार में दो करोड़ रुपये की मांग की गई है। युवती को आलोक नाम के व्यक्ति ने भेजा था। आलोक सबसे पहले 24 मार्च को मुझसे मिलने आया था। उसने चुनाव प्रचार में मदद का प्रस्ताव दिया और बाद में अपने बंद चैनल को दोबारा शुरू करने के लिए आर्थिक मदद मांगी थी। डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि युवती खुफिया कैमरों से लैस होकर आई थी। पुलिस ने युवती से पूछताछ की तो उसने पूरी बातचीत अपने खुफिया कैमरे से रिकॉर्ड की। बाद में पुलिस को पता लगा तो कैमरा और मोबाइल टैबलेट बरामद किया है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि न्यूज चैनल बंद होने के बाद अलोक नेताओं को ब्लैकमेल करने पर उतारू हो गया। चुनाव के दौरान उसने दिल्ली और नोएडा के कई दिग्गज नेताओं से मुलाकात की। उनका स्टिंग करके वीडियो बनाई थी। एसएसपी का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि इस गैंग ने कई नेताओं को ब्लैकमेल करके रकम भी हड़पी है। जल्द बाकी लोगों की गिरफ्तारी होंगी। गैंग में 5 लोग शामिल हैं।

 

चार घंटे छावनी बना रहा मंत्री का दफ्तर

दोपहर 01:34 बजे पुलिस ने मंत्री के कार्यालय से लड़की को गिरफ्तार किया। कई थानों की पुलिस मंत्री के दफ्तर पर तैनात हो गई। एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी सुधा सिंह, डीएसपी कौस्तुभ समेत आला अधिकारी पहुंच गए। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक दफ्तर छावनी में तब्दील रहा। दफ्तर के बाहर बैरीकेडिंग कर दी गई। किसी को भी दफ्तर में आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।

चार घंटे हुई लड़की से पूछताछ

गिरफ्तार करने के पुलिस ने चार घंटे लड़की से मंत्री के दफ्तर में ही पूछताछ की। लड़की के पास 20 मिनट का वीडियो था। एसपी सिटी सुधा सिंह ने लड़की से वीडियो के बारे में गहन पूछताछ की। लड़की के पास से बरामद दूसरे नेताओं की वीडियो के बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया है।

कर्ज भी मांग रहा था आलोक

जो चिट्ठी मंत्री को दी गई है उसमें तीन किस्तो में 9-10 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। 50 लाख रुपये सोमवार की शाम चार बजे तक, डेढ़ करोड़ रुपये और 7-8 करोड़ रुपये सरल किस्तों में कर्ज मांग रहा है।

आरोपी ने यह लिखा लेटर में

केंद्रीय मंत्री को धमकी भरा लेटर दो पेज का प्रिंट किया हुआ भेजा गया था। इस लेटर में शुरू में डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करते हुए पैसे देने की बात कही गई है। साथ ही कई बार दोस्ती व दुश्मनी की भी बात कही गई है। जिसमें यह कहा गया है कि आपसे दुश्मनी करने से कोई फायदा तो नहीं है लेकिन आपने दोस्ती कर ली तो हमदोनों के लिए अच्छा रहेगा। अगर आज शाम तक कम से कम 45 लाख रुपए दे दीजिए और अगले दो दिनों में पूरे 2 करोड़ रुपए देने होंगे। इसके अलावा आरोपी ने लेटर में यह भी लिखा है कि अगर मई में एक नई कंपनी के लिए आप 40 फीसदी शेयर लगाकर 7-8 करोड़ रुपए की मदद करेंगे तो अच्छा रहेगा। आखिर में आरोपी ने यह भी लिखा है कि इसे आप ब्लैकमेल नहीं समझे बल्कि इसे आपसी सहभागिता के लिए जरूरी शर्त है।

एक समाज सेविका शक के घेरे में

इनकी मीटिंग कराने और ब्लैकमेलिंग करने के मामले में नोएडा की जानी-मानी व निठारी कांड पीड़ितों की मदद करने वाली एक समाज सेविका भी शक के घेरे में है। पुलिस अभी उससे पूछताछ कर रही है। एसएसपी का कहना है कि अगर समाजसेविका के खिलाफ कोई सबूत मिला तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके आलावा पूर्व में नोएडा में तैनात रहे एक डीएसपी भी शक के घेरे में हैं।

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