नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): महाराष्ट्र के पुणे के स्वारगेट बस डिपो में एक बस के अंदर महिला से कथित रेप के मामले में आरोपी की तलाश तेज हो गई है। देशभर में फरार अपराधी के लिए सख्त सजा की मांग बढ़ रही है, इस बीच भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने भी प्रतिक्रिया दी है।
महिलाओं के लिए बनाए कानूनों का सही क्रियान्वयन होना चाहिए: चंद्रचूड़
पूर्व चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने गुरुवार (27 फरवरी,2025 ) को कहा कि निर्भया कांड के बाद कानूनों में कई सुधार हुए, लेकिन केवल कानून बनाने से ऐसे अपराधों को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों का सही तरीके से क्रियान्वयन होना चाहिए। महिलाएं जहां भी जाएं, उन्हें सुरक्षित महसूस करना चाहिए। ऐसे मामलों में उचित जांच, कड़ी कार्रवाई, त्वरित सुनवाई और सजा होना जरूरी है।" उन्होंने पुलिस और न्याय व्यवस्था पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी पर इनाम घोषित
विपक्षी दलों ने इस घटना की तुलना 2012 के दिल्ली निर्भया कांड से की है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय रामदास गाडे (37) को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि आरोपी के ठिकाने की जानकारी देने वाले को ₹1 लाख का इनाम दिया जाएगा।
कैसे हुआ अपराध?
स्वारगेट स्थित महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) का यह डिपो शहर का सबसे बड़ा बस अड्डा है। पीड़िता ने बताया कि मंगलवार सुबह 5:45 बजे, जब वह सतारा जिले के फलटण जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी, तब आरोपी ने उसे ‘दीदी’ कहकर बातचीत में उलझा लिया और बताया कि उसकी बस दूसरे प्लेटफॉर्म पर खड़ी है। इसके बाद आरोपी उसे खाली 'शिव शाही' एसी बस में ले गया, जिसकी लाइटें बंद थीं। शुरुआत में महिला झिझकी, लेकिन आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि यही सही बस है। जैसे ही महिला बस में चढ़ी, आरोपी ने अंदर घुसकर दरवाजा बंद कर लिया और रेप किया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। एमएसआरटीसी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। पीड़िता के बयान के आधार पर तेजी से जांच चल रही है। यह मामला महिला सुरक्षा के प्रति गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर त्वरित न्याय दिलाया जाए।