ताज़ा खबरें
मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था केस
जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे

पणजी: गोवा की एक अदालत ने करीब चार साल पहले एक पूर्व महिला सहयोगी के यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोपी वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिये। इससे पहले, जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजया पॉल ने तेजपाल का उनके खिलाफ लगे आरोप निरस्त करने का आवेदन खारिज कर दिया। अभियोजक के अनुसार, अदालत ने कहा कि तेजपाल (54) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (दोषपूर्ण अवरोध), 342 (दोषपूर्ण परिरोध), 350 (आपराधिक बल), 354 (ए) और (बी) (महिला पर यौन प्रवत्ति की टिप्पणियां और उस पर आपराधिक बल का प्रयोग) और 376 (बलात्कार) के तहत आरोप तय होंगे। अदालत ने मीडिया को कार्यवाही से दूर रखा। लोक अभियोजक फ्रांसिस्को तवोरा ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, अदालत ने निर्देश दिया कि तरुण तेजपाल के खिलाफ आरोप तय होंगे। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा तेजपाल के खिलाफ कोई आरोप हटाया नहीं गया।

गौरतलब है कि तेजपाल की एक कनिष्ठ सहयोगी ने उन पर 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान गोवा के एक पांच सितारा होटल में एक लिफ्ट के अंदर उनका यौन उत्पीडन करने का आरोप लगाया था। तेजपाल अभी जमानत पर हैं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख