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लंदन: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शनिवार को कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो चुकी है और उन्होंने इसे उच्च मूल्य वर्ग के नोटों के स्थान पर नये नोट जारी करने की सबसे संभावित सहज प्रक्रिया बताया। जेटली यहां लंदन स्कूल ऑफ इकनोमिक्स में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 500 और 1,000 रपये के नोट चलन से हटाने के सरकार के फैसले को देश में एक ‘नया सामान्य स्तर’ कायम करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि अंतत: इस कदम से उच्च आर्थिक वृद्धि को हासिल किया जा सकेगा। जेटली ने कहा कि दुनिया में यह उच्च मूल्य वर्ग की पुरानी मुद्रा को हटाकर उसके स्थान पर नई मुद्रा लाने की सबसे संभावित सहज प्रक्रिया रही है। उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी का कदम देश में एक नया सामान्य स्तर बनाने के लिये उठाया गया। यह नकदी आधारित अर्थव्यवस्था के स्थान पर डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में उठाया गया। इससे बैंकिंग प्रणाली में अधिक धन पहुंचेगा और राजस्व प्राप्ति बेहतर होगी। इससे अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को अधिक औपचारिक अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।’ जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद बने आर्थिक परिवेश में आने वाले समय में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आकार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नकद अर्थव्यवस्था के पक्ष में जो तर्क दिये जा रहे हैं वास्तव में वे काफी घिसे पिटे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष अपनी चुनौतियां हैं।

दुनिया की विकास दर यदि धीमी पड़ती है तो भारत पर भी उसका असर पड़ेगा लेकिन आज 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर भारत के लिये नया सामान्य स्तर बन गया है। भारत को ऐसे में यदि विश्व अर्थव्यवस्था का भी सहयोग मिलता है तो यह आंकड़ा काफी उंपर जाने की गुंजाइश है। जेटली ने देश में राज्यों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा की भी सराहना की और कहा कि यही वजह है कि राज्यों की वृद्धि दर राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले चार से पांच प्रतिशत अधिक बनी हुई है और इस समूची प्रतिस्पर्धा से राष्ट्रीय स्तर पर भी वृद्धि की रफ्तार तेज हो रही है। वित्त मंत्री ने इस अवसर पर एक जुलाई से देश में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने की बात को दोहराया और कहा कि इसके बाद पूरा देश एक आर्थिक बाजार हो जायेगा। जीएसटी लागू होने से समानांतर अर्थव्यवस्था के दंश को समाप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में कुछ फैसले लेने में देरी हो सकती है लेकिन आखिर में जिम्मेदारी का एहसास विजयी होता है। ज्यादातर निर्णय आम सहमति से लिये गये हैं और उम्मीद है कि हम एक जुलाई से जीएसटी लागू करेंगे।’ छात्रों के सवालों के जवाब में जेटली ने कहा कि भारत एक महत्वपूर्ण ‘बुद्धि बैंक’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस नारे को नहीं लगाना चाहूंगा कि भारतीय केवल भारत के लिये हैं। जब मैं कालेज में पढ़ता था तो उस समय प्रतिभा पलायन की बात होती थी। आज भारतीय दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं में छाये हुये हैं और हमारा वैश्विक चर्चा के दौरान एक प्रमुख बिंदु मानव संसाधन की आवाजाही को लेकर है।’ वित्त मंत्री पांच दिन की यात्रा पर यहां पहुंचे हैं। इस दौरान महारानी एलिजाबेथ-द्वितीय ने सोमवार शाम एक विशेष समारोह का आयोजन किया है। इस दौरान वह ब्रिटेन के अनेक मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। ब्रिटेन प्रवास के दौरान उनकी कई प्रमुख कंपनियों के सीईओ और निवेशकों से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।

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