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लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव से पहले अपने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए एक बड़े फेरबदल की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी में युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने और दिग्गज नेताओं पर अधिक विश्वास करने की तैयारी कर रही है। पार्टी पिछड़ा और दलित वर्गों के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी कर रही है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहले ही राज्य और दिल्ली की सभी पार्टी इकाइयों के साथ ही फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया था। पार्टी उपचुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इस बार उपचुनावों में सपा का मुकाबला बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से भी होगा। 2018 के उपचुनाव में तीन लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर बसपा ने सपा को समर्थन दिया था।

 

12 विधानसभा सीटों पर अक्टूबर में हो सकते हैं उपचुनाव

उत्तर प्रदेश की विधानसभा की खाली चल रही 12 सीटों के उपचुनाव अक्तूबर में होंगे। आयोग हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधान सभा चुनाव के साथ ही उत्तर प्रदेश की इन 12 विधानसभा सीटों के उपचुनाव भी करवाने की तैयारी शुरू कर चुका है।

अभी हाल ही में आयोग ने इन तीनों राज्यों की सरकारों को निर्देश दिए हैं कि शासन-प्रशासन में जो अफसर व अन्य कर्मचारी एक ही जगह पर तीन साल से जमे हुए हैं। उनका स्थानांतरण कर दिया जाए।

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