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हैदराबाद: तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के बीच न्यायिक अधिकारियों के अंतरिम आवंटन की सूची वापस नहीं लिये जाने के खिलाफ रविवार को न्यायाधीशों ने प्रदर्शन किया। सौ से अधिक न्यायाधीशों ने तेलंगाना जजेज एसोसिएशन के तहत रविवार को यहां गन पार्क से राजभवन तक रैली निकाली और राज्यपाल ई एस एल नरसिम्हन को न्यायिक अधिकारियों के अंतरिम आवंटन के खिलाफ एक ज्ञापन दिया। एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि ने कहा कि इसके पहले यहां एक बैठक में तेलंगाना के करीब 125 न्यायिक अधिकारियों ने तेलंगाना जजेज एसोसिएशन के अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भी दिया और उन्हें इस बात के लिए अधिकृत किया कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वह जब भी जरूरी समझें, वह राज्यपाल को इस्तीफे सौंप दें। उन्होंने कहा, 'हम अपनी मांग पूरी होने के लिए एक सप्ताह इंतजार करेंगे।'
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हैदराबाद: एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि भारत जैसे बहुलवादी और विविधतापूर्ण देश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जा सकती। हैदराबाद के सांसद ओवैसी से जब पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी इस विषय पर बहस के पक्ष में है, तो उन्होंने कहा, 'क्या संघ परिवार हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) कर रियायत को छोड़ने के लिए तैयार होगा, जो उन्हें मिल रही है?' उन्होंने कहा, 'हमारे संविधान में 16 नीति-निर्देशक सिद्धांत हैं। इनमें से एक पूरी तरह शराब निषेध के बारे में बात करता है। हम इसके बारे में बात क्यों नहीं करते और पूरे भारत में संपूर्ण मद्यनिषेध क्यों नहीं कराते क्योंकि नीति-निर्देशक सिद्धांत के रूप में भी इसका उल्लेख है।' ओवैसी ने कहा कि इस तरह के आंकड़े हैं कि कई महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है या उनके शराबी पति उन्हें पीट रहे हैं और सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह में भी नशे में गाड़ी चलाना शामिल है। ओवैसी ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 371 की एक धारा नगा और मिजो नागरिकों को विशेष प्रावधान प्रदान करती है। उन्होंने कहा, 'क्या आप इसे भी हटा देंगे।' एआईएमआईएम सांसद ने कहा, ' ये सवाल पूछे जाने चाहिए और भारत जैसे बहुलवादी और विविधतापूर्ण देश में आप समान नागरिक संहिता नहीं लागू कर सकते क्योंकि यह भारत की शक्ति है।' ओवैसी ने कहा, 'हम अपने बहुलवाद को मानते हैं क्योंकि यह देश धर्म को मानता है। आप एक समान नागरिक संहिता नहीं लागू कर सकते।
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हैदराबाद: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिक्कर ने रविवार को टी-हब का दौरा किया और तेलंगाना सरकार द्वारा बनाए गए प्रौद्योगिकी को विकसित करने के देश की सबसे बड़े केंद्र को देखकर प्रभावित हुए। रक्षा मंत्री ने उस जगह का दौरा किया और उन्होंने वहां विकसित हो रहे उद्यमियों से मुलाकात की और उनकी कैसे शुरुआत हुई इसके बारे में जाना। उन्होंने पिछले साल की गई पहल की शुरुआत के बारे में अधिकारियों से बातचीत की। पर्रिकर ने टी-हब के प्रभाव को सराहा। उन्होंने तीन छोटे उद्यमों बैनयान नेशन, गे्रफेने और बौद्धगुरु से उनके विचार जाने। तेलंगाना के आईटी मंत्री के.टी. रामाराव, सचिव जयेश रंजन, टी-हब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जय कृष्णन और टी-हब के संस्थापक श्रीनिवास कोल्लिपारा ने पर्रिकर को वहां उस केंद्र में किए जाने वाले कामों के बारे में जानकारी दी। पर्रिकर ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के साथ आप अंतर पैदा कर सकते हैं। जब राजनीति में आया तो मैंने महसूस किया कि इंजीनियरिंग की मेरी पृष्ठभूमि और प्रौद्योगिकी की मेरी जानकारी से राज्य को मदद मिल सकती है। हमें लोगों में यह विश्वास पैदा करने की जरूरत है राज नेता अच्छे हैं।
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हैदराबाद: साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 मुसलमानों के पलायन करने का दावा करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को बीजेपी से कहा कि क्या वह वहां एक जांच टीम भेजेगी, जैसा कि इसने हिंदुओं के कथित पलायन के मुद्दे पर कैराना भेजी है। हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने उत्तर प्रदेश के कैराना से कथित तौर पर पलायन करने वाले 346 परिवारों की सूची को 'फर्जी' बताया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर नाटक करना बीजेपी और सपा दोनों के हितों के अनुकूल बैठता है। ओवैसी ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 से अधिक लोगों ने अपना मूल स्थान छोड़ दिया, जहां वे पीढ़ियों से रहते आ रहे थे। उन्होंने इसे देश की आजादी के बाद अल्पसंख्यकों को सामूहिक रूप से हटाने का कार्य बताया।
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