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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में रेप के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि, असामाजिक तत्वों में डर पैदा कीजिए। उन्हें लगे कि अब कुछ किया तो मारे जाएंगे। दिल्ली में हुए रेप केस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी वहां मौजूद रहे।

जस्टिस पारडीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, ''सिर्फ सीसीटीवी होना जरूरी नहीं है। उसकी मॉनिटरिंग हो। क्या आपके पास वार रूम जैसी व्यवस्था है, जहां लगातार निगरानी होती हो? यह जरूरी है कि हर महिला को सुरक्षित महसूस हो। चाहे वह रात में सड़क पर पैदल चल रही हो या मेट्रो या बस में यात्रा कर रही हो।''

कोर्ट ने कहा, ''हजारों अवैध इटरीज हैं। उन पर कार्रवाई कीजिए। यहां असमाजिक तत्वों का जमघट होता है, शराब मिलती है। गैरकानूनी गतिविधियां होती हैं। बीट पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत कीजिए। असुरक्षित जगहों पर पैट्रोलिंग गाड़ी रुके।''

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए इन शिकायतों को अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) को सौंप दिया गया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

तीन महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप

अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसी दौरान कथित घटनाओं को लेकर नयी दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिलीं। ये आरोप तीनों महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए हैं। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नयी दिल्ली जिला पुलिस ने शिकायतों को अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। अपराध शाखा अब इन आरोपों की गहन जांच करेगी और शिकायतकर्ता महिला पत्रकारों के साथ-साथ संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज करेगी।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जतंर-मंतर के पास 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की है। ये मामले प्रदर्शनकारियों द्वारा निषेधाज्ञा के बावजूद जुटने और प्रदर्शन करने के आरोप में दर्ज किए गए हैं। इनमें से दो एफआईआर संसद मार्ग थाने में, जबकि एक कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है।

संसद मार्ग और क्नॉट प्लेस थाने में केस दर्ज

पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने में दर्ज दोनों एफआईआर में बीएनएस की धारा 223(ए), 221, 132 और 3(5) लगाई गई हैं। वहीं, कनॉट प्लेस थाने में दर्ज तीसरी एफआईआर में बीएनएस की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इन मामलों की जांच की जा रही है। ये एफआईआर 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के आसपास हुए उस प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई हैं, जिसमें छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के साथ आम आदमी पार्टी, वाम दलों और कांग्रेस से जुड़े लोगों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के प्रदर्शन करते हुए इस्तीफे की मांग की थी।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज विरोध-प्रदर्शनों के एलान के बीच मेट्रो सेवाओं पर भी असर पड़ा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने सुरक्षा कारणों से 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी है। डीएमआरसी के मुताबिक, इन स्टेशनों पर अगले आदेश तक यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक रहेगी।

एंट्री-एग्जिट पर रोक, 4 स्टेशनों पर इंटरचेंज जारी

डीएमआरसी के सर्विस अपडेट के अनुसार, जिन स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद किए गए हैं, उनमें जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं। ये सभी स्टेशन नई दिल्ली जिले और सेंट्रल दिल्ली के महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में स्थित हैं। इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

डीएमआरसी ने यात्रियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी। यानी यात्री इन स्टेशनों पर एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे।

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