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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज नतीजों की बारी है। 19 काउंटिंग सेंटर्स पर वोटों की गिनती जारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा सीट पर 5 फरवरी को मतदान कराया गया था। यहां मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (आप), बीजेपी और कांग्रेस के बीच बताया जा रहा था। ताजा आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 44 और आम आदमी पार्टी (आप) 21 सीटों पर जीत का परचम लहरा चुकी है। वहीं, अब बीजेपी चार और आप एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस का लगातार तीसरी बार भी खाता नहीं खुला है।

आप के कई बड़े चेहरे पिछड़े

आम आदमी पार्टी के लगभग सभी बड़े चेहरे पिछड़ते दिख रहे हैं। अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, आतिशी, सोमनाथ भारती, सत्येंद्र जैन, अवध ओझा अपनी-अपनी सीटों पर बीजेपी से पिछड़ रहे हैं। केवल जंगपुरा सीट से मनीष सिसोदिया आगे हैं, लेकिन वहां भी कांटे की टक्कर चल रही है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): दिल्ली में वोटिंग के बाद जो एग्जिट पोल आए, उनमें बीजेपी सरकार बनाते हुए दिख रही है। अगर एग्जिट पोल के नतीजे चुनाव के नतीजों से मेल खाते हैं तो सवाल उठता है कि फिर दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कौन होगा। ऐसा कौन सा चेहरा है, जिसे बीजेपी दिल्ली की कमान सौंपेगी। बीजेपी के लिए सीएम फेस का चुनाव एक कठिन टास्क है क्योंकि यहां कई ऐसे बड़े चेहरे हैं, जो इस रेस में आगे चल रहे हैं।

एग्जिट पोल के नतीजों के बाद कई ऐसे नेता हैं, जिनकी बोलचाल को देखकर लग रहा है कि वो खुद को उस रेस में देख रहे हैं। हालांकि बीजेपी की एक बड़ी खूबी है, इस पार्टी में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के अलावा किसी और को पता ही नहीं होता कि किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री किसे बनाया जाएगा। इस रेस में जो बड़े नाम आगे चल रहे हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी दिल्ली से तीसरी बार सांसद मनोज तिवारी, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और मीनाक्षी लेखी का नाम भी सीएम की पोस्ट के लिए आगे चल रहा है।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार को मतदान में 60.44 फीसद का मतदान हुआ। शाम छह बजे तक मतदान हुआ। हालांकि तय समय तक जिस भी मतदान केंद्र पर कतारें लगी रही वहां पर सभी मतदाताओं का मतदान कराया गया। लेकिन दिल्ली की मुख्य निर्वाचन अधिकारी कर्यालय की ओर से देर रात 11 बजे तक यह नहीं बताया जा सका कि मतदान समाप्त होने तक कितने फीसदी मतदान हुआ है।

लेकिन सूत्रों से पता चला है कि 60.44 फीसद का मतदान हुआ है। साल 2008 के विधानसभा चुनाव में 57.58 फीसदी मतदान हुआ था। ऐसे में इस बार के विधानसभा चुनाव में हुए मतदान की तुलना करें तो यह 2008 के विधानसभा चुनाव के मतदान तीन फीसदी अधिक हुआ है। वहीं पिछले विधानसभा 2020 में 62.55 फीसदी मतदान हुआ था।

इस बार के विधानसभा चुनाव कराने के लिए दिल्ली में कुल 13,766 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें 733 सहायक मतदान केंद्र भी रहे।

नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को मतदान के साथ ही चुनाव संपन्न हो गए। यहां विधानसभा की 70 सीटों पर कराए गए एक चरण में 5 बजे तक 57.70% मतदान दर्ज किया गया। विधानसभा चुनावों के खत्म होने के बाद अलग-अलग सर्वे एजेंसियां कुछ ही देर में दिल्ली के लिए एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए हैं।

आप को दो एग्जिट पोल्स में बहुमत, कांग्रेस का खुल सकता है खाता

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में कई पोलिंग एजेंसियों ने एग्जिट पोल्स जारी कर दिए हैं। इनमें से अब तक जिन 11 एग्जिट पोल्स का एलान हुआ है, उनमें से 9 में बीजेपी को बहुमत मिलता दिख रहा है। जबकि दो एग्जिट पोल्स में आप को बहुमत की उम्मीद जताई गई है। वहीं कांग्रेस का इस बार खाता खुल सकता है। मैट्रिज के एग्जिट पोल के मुताबिक, आप को 32-37 सीटें मिल सकती हैं। वहीं बीजेपी को 35-40 सीट मिल सकती हैं। उधर कांग्रेस को 0-1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

जेवीसी के एग्जिट पोल के मुताबिक, आप को 22 से 31 सीटें मिलती दिखाई गई हैं। बीजेपी को 39-45 सीटें और कांग्रेस को 0-2 सीटें मिल सकती हैं। यानि बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल कर सकती है।

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