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इम्फाल: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोई ठोस कार्य किए बगैर वह लोगों को निरन्तर झूठे आश्वासन देने में मशगूल हैं। गांधी ने यहां हापता कांगजेईबुंग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी ने पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन कर नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आफ नागालैंड (एनएससीएन) के साथ नागा समझौते पर हुए हस्ताक्षर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गांधी ने इस समझौते के संबंध में उनसे से पूछा। इसके बाद उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह से इस समझौते के बारे जानकारी ली लेकिन सिंह को भी इस समझौते के बारे में अंधेरे में रखा गया था। राहुल ने कहा कि मोदी को ही इसके बारे में जानकारी थी। इसके बारे में कोई और नहीं जानता था। उन्होंने पूछा कि अच्छे दिन का वादा कहां गया ? कांग्रेस समझती है कि मणिपुर एक बहुजातीय राज्य है और यहां कोई भी सांप्रदायिक राजनीति का खेल नहीं खेल सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी को भी मणिपुर में क्षेत्रीय सौहार्द को प्रभावित करने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से मणिपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की नीति के दबाव में हिंसा न भड़काने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोदी को नफरत फैलाना बंद कर देना चाहिये। उन्होंने पूछा कि पिछले ढाई साल के दौरान प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लिए किया क्या है?

इंफाल: मणिपुर में चार और आठ मार्च को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंफाल में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह 15 साल तक सत्ता में रही लेकिन मणिपुर को बर्बाद कर दिया। राज्य में चल रही नाकेबंदी पर पीएम ने कहा कि मणिपुर में बीजेपी की सरकार आते ही हम कोई भी नाकेबंदी नहीं रहने देंगे और दिखा देंगे कि सरकार कैसे चलती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो काम 15 सालों में नहीं कर पायी वह काम भाजपा की सरकार 15 महीनों में करके दिखाएगी। उन्होंने कहा कि जहां पर भी कांग्रेस की सरकार है वहां पर विकास नहीं है, वहां पर केवल भ्रष्टाचार है।उन्होंने कहा कि मणिपुर के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता है। मोदी ने कहा कि जहां भी कांग्रेस रही, वहां विकास नहीं सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ। एक जनजाति से दूसरी को लड़ा देना, यही कारोबार चलाया जा रहा है। पीएम ने कहा कि 40 साल के बाद मैं ऐसा प्रधानमंत्री हूं जो पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए की जाने वाली बैठक में आया। पिछले दो साल में हमारी सरकार के मंत्रियों का 90 बार दौरा पूर्वोत्तर में होता रहा है।

इंफाल: मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला की राजनीतिक पार्टी पीपुल्स रीसर्जेंस एंड जस्टिस अलायंस (प्रजा) ने मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए आज अपना घोषणा-पत्र जारी किया, जिसमें सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) निरस्त करने, सभी निर्वाचित पदों पर महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करने और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए लोकायुक्त का गठन करने की मांग की गई है। महज तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही ‘प्रजा’ के संयोजक एरेंड्रो लिचोनबाम ने कहा कि पार्टी भले ही सरकार बनाने की स्थिति में नहीं रहे, लेकिन यह घोषणा-पत्र 2022 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव के लिए एक दृष्टि-पत्र के तौर पर काम करेगा। शर्मिला ने 16 वर्ष से चल रहा अपना अनशन पिछले साल खत्म करते वक्त कहा था कि वह मणिपुर से अफ्सपा हटाने के एकमात्र मकसद से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं। एरेंड्रो ने कहा, ‘हम अफ्सपा के खिलाफ लड़ रहे हैं और वह लड़ाई जारी रहेगी, लेकिन इसके अलावा हमें लगता है कि लोकायुक्त के गठन की जरूरत है ताकि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हो सके और भ्रष्टाचार-मुक्त मणिपुर का मकसद पूरा हो सके।’

इंफाल: गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को खुलासा किया कि गत वर्ष सितम्बर में नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमले का निर्णय उरी में सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आहूत एक आपात बैठक में किया गया था। सिंह ने यहां कहा, ‘(गत वर्ष) सितम्बर में जब खबर आयी कि आतंकवादियों ने (उरी में) सेना के एक शिविर पर हमला करके 17 जवानों की हत्या कर दी है, एक आपात बैठक आहूत की गई जिसमें प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और मैंने अधिकारियों के साथ हिस्सा लिया और एक दृढ़ निर्णय किया गया कि एक लक्षित हमला किया जाएगा।’ भारत के विशेष बलों ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित सात आतंकवादी शिविरों पर 28 सितम्बर की रात में लक्षित हमला किया। सेना ने कहा कि हमले में ‘बड़ी संख्या में’ आतंकवादी और उनके सहयोगी हताहत हुए हैं। लक्षित हमला कश्मीर के उरी में सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले के 11 दिन बाद किया गया था। सिंह ने कहा, ‘लक्षित हमले के जरिये हमने विश्व को एक संदेश दिया कि हम कमजोर नहीं बल्कि एक मजबूत देश हैं।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आतंकवाद से निपटने में कठोर हैं और लक्षित हमला इसकी पुष्टि करता है। सिंह ने याद किया कि 2014 में उन्होंने बीएसएफ से स्वयं कहा था कि सीमापार से पाकिस्तान की गोलीबारी का जवाब देते समय ‘गोलियां नहीं गिने।’

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