- Details
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मणिपुर विधानसभा चुनाव की तारीखों में बदलाव किया है। राज्य में अब पहले चरण के लिए 28 फरवरी को और दूसरे चरण के लिए 5 मार्च को वोट डाले जाएंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने मणिपुर के लिए वोटिंग की तारीख 27 फरवरी और 3 मार्च की तारीख तय की थी।
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि यह फैसला सूचनाओं, अभ्यावेदन, पूर्व की नजीर, साजो-सामान, जमीनी स्थितियों और इस मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित है। आयोग ने हाल में पंजाब में भी विधानसभा चुनावों की तारीख में बदलाव करते हुए इसे 14 फरवरी से 20 फरवरी कर दिया था। यह फैसला राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा की गई मांग के बाद किया गया था।
मणिपुर में होने वाले चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने मंगलवार को सख्त लहजे में कहा कि चुनावों के दौरान सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और धन-बल के गलत इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- Details
गुवाहाटी: दो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा मेघालय में अब एक ही गठबंधन में हैं। अंपरीन लिंगदोह के नेतृत्व में मेघालय में सभी पांच कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया है। इस गठबंधन में बीजेपी भी भागीदार है। सुश्री लिंगदोह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने कोनराड संगमा के मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (एपडीए) में शामिल होने का फैसला किया है।
कांग्रेस के सभी पांच विधायकों ने आज संगमा से मुलाकात की और उन्हें अपना समर्थन पत्र दिया। एनपीपी और कांग्रेस पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी थे, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में कांग्रेस के 12 विधायकों के शामिल होने के बाद दोनों पार्टियां करीब आ गई हैं। अंपरीन लिंगदोह ने कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के फैसले का जिक्र करते हुए संवाददाताओं से कहा, "हमने कोनराड के संगमा के नेतृत्व वाले एमडीए को अपना समर्थन दिया है और आज हम सरकार को मजबूत करने के लिए एमडीए गठबंधन में शामिल हो गए हैं।
- Details
गुवाहाटी: एक राज्य के मुख्यमंत्री का दूसरे राज्य में प्रचार करना भले ही एक नया विचार न लगे, लेकिन मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा का मामला काफी अनोखा है। मेघालय के मुख्यमंत्री भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ प्रचार करने के लिए मणिपुर के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) भी शामिल है। मणिपुर में एनपीपी ने 2017 में केवल नौ सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उसने चार सीटें जीतीं थीं। यह सभी दलों के बीच सबसे अच्छा स्ट्राइक रेट था और पार्टी किंगमेकर के रूप में उभरी थी। एनपीपी के समर्थन के बिना भाजपा गठबंधन सरकार नहीं बना पाती।
एनपीपी इस बार 60 सीटों वाली विधानसभा के लिए 42 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है, जो पिछली बार की तुलना में करीब पांच गुना ज्यादा है। इनमें से 19 भाजपा नेता हैं, जिन्होंने टिकट न मिलने के बाद पाला बदल लिया। मणिपुर भाजपा के उपाध्यक्ष चिदानंद सिंह ने कहा, "एनपीपी मणिपुर में भाजपा के विकल्प के रूप में उभरने का सपना देख रही है।
- Details
गुवाहाटी: मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने अपनी तैयारिंया तेज कर दी हैं। इस बीच राज्य में होने वाले चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। घोषणापत्र में मणिपुर कांग्रेस द्वारा किए गए 30 वादों में विवादास्पद सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम (अफस्पा) को निरस्त करना भी शामिल है। साथ ही घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का भी जिक्र है। बता दें कि मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होने हैं। 27 फरवरी और 3 मार्च को वोट डाले जाएंगे।
गौरतलब है कि नागालैंड के मोन जिले में हाल ही में पैरा कमांडों के एक ऑपरेशन में गलत पहचान की वजह से कई ग्रामीणों की मौत हो गई थी। तभी से एक वर्ग सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (अफस्पा) के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। साथ ही नागालैंड और मणिपुर से इस अधिनियम को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग कर रहा है।
कांग्रेस की ओर से जारी घोषणापत्र में बच्चों के गंभीर बीमारियों की मुफ्त चिकित्सा, मणिपुर रेजिमेंट का निर्माण और मणिपुर ट्रेड सेंटर का निर्माण करना शामिल है।
- देश
- प्रदेश
- आलेख
- रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
- 'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
- सोनिया ने किताब की दिखाई झलक, राजीव से मुलाकात को किया याद
- नहीं साइन करूंगी पीस बॉन्ड, हाईकोर्ट से झटके के बाद बोलीं नेहा बोरा
- हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज की, एसईएम को दिया निर्देश
- दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ किसानों और कई संगठनों का मार्च
- 'जेल के अंदर हों या बाहर, आंदोलन रहेगा जारी': सीजेपी का एलान
- अरुणाचल बॉर्डर पर चीन से तनाव पर खड़गे ने मोदी से पूछे तीन सवाल
- अरुणाचल में भारत-चीन के बीच टकराव, डीजी आईटीबीपी का खुलासा
- छात्र नेता नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
- मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था केस
- जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान
- एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
- जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
- अनंत सिंह को जेडीयू ने पार्टी से निकाला, पत्नी पर भी लिया एक्शन
- जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हंगामा, क्लासेज ऑनलाइन चलेंगी
- दिल्ली में सीएपीएफ की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ी
- एमसीडी में पार्षदों का बवाल, मेयर के आसन पर रखे कागज फेंके
- दिल्ली में प्रदूषण के चलते ग्रेप-1 के प्रतिबंध लागू, एक्यूआई स्तर 'खराब'
- मोदी सरकार सत्ता में बनी रही तो अराजकता फैलना तय: संजय राउत
- देश की अर्थव्यवस्था को सिर्फ उत्पादन नहीं, रोजगार और मांग भी चाहिए
- हंगामें में निपटा मॉनसून सत्र पीएम मोदी के खिसकते जनाधार का संकेत
- संसद का मॉनसून सत्र विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है
- इथेनॉल: क्या भारत सही दिशा में बढ़ रहा है या कोई गलती कर रहा है?
- यूपी में अखिलेश दोहराएंगे मुलायम सिंह का 40 साल पुराना इतिहास
- जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मोदी सरकार के लिए सिरदर्द बनी
- यूपी विधानसभा चुनाव होगा 'लोकसभा चुनाव 2029' का सेमी फाइनल
- क्या प्रधानमंत्री तेलंगाना सुरंग हादसे की ज़िम्मेदारी लेंगे, या फिर किसी..?
- अमेरिका में रह रहे अवैध भारतीय प्रवासियों से जुड़े यक्ष प्रश्न
- दिल्ली यानि "मिनी इंडिया" का चुनाव बना 'पीएम मोदी बनाम केजरीवाल'






