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पणजी: भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों के राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को गोवा पहुंचने की संभावना है। दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है और राज्य में सरकार बनाने की संभावनाएं टटोलेगी। अभी इस तटीय राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है। मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बीमार रहने के कारण राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे पर्रिकर नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करा रहे हैं।

भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों बी एस संतोष और राम लाल के रविवार शाम तक गोवा पहुंचने की संभावना है। वह राजनीतिक हालात का जायजा लेंगे और पार्टी के नेताओं तथा सहयोगी दलों के साथ चर्चा करेंगे। पर्रिकर नीत सरकार गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और निर्दलीयों के सहयोग से राज्य में सत्तारूढ़ है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ''केंद्रीय पर्यवेक्षक जीएफपी, एमजीपी और निर्दलीय विधायकों से मुलाकात करने के बाद भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

भाजपा नेता माइकल लोबो ने शनिवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि पार्टी के दूत सहयोगियों को सुझाव देंगे कि उन्हें भगवा पार्टी का हिस्सा बनना चाहिए। लोबो ने कहा, ''जीएफपी और एमजीपी को भाजपा में विलय का प्रस्ताव दिया जाएगा। इसके बाद ही हम दूसरे मुद्दों पर बात करेंगे जैसे कि कौन अगला मुख्यमंत्री होगा या कौन प्रभार संभालेगा या इससे संबंधित कुछ और। भाजपा के पास 40 सदस्यीय विधानसभा में अभी 14 विधायक हैं जबकि जीएफपी और एमजीपी के तीन-तीन और तीन ही निर्दलीय विधायक हैं। कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पास एक विधायक है।

इस बीच, कांग्रेस ने कहा कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है और गोवा में सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशेगी लेकिन साथ ही उसने कहा कि वह ''राज्य के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव एवं गोवा में पार्टी के प्रभारी ए. चेल्लाकुमार ने कहा, ''हमारा रुख बहुत स्पष्ट है। निश्चित तौर पर हम सभी संभावनाओं को टटोलेंगे लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम गोवावासियों की विचारधारा या हितों से समझौता करके ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा, ''हमें गोवा के लोगों के हितों से समझौता करके सत्ता पाने की जल्दबाजी नहीं है। कांग्रेस लोगों के प्रति जवाबदेह है।

उन्होंने कहा, ''हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। हम अभी देख रहे हैं कि सत्तारूढ़ खेमे में क्या चल रहा है। अंदरुनी कलह शुरू हो गई है। कैबिनेट मंत्रियों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए हैं। चेल्लाकुमार ने कहा कि भाजपा के खेमे में गए विधायकों के पास अब अपनी गलती सुधारने का समय है। पर्रिकर को शनिवार सुबह एम्स में भर्ती कराया गया। उनका इस साल की शुरुआत में अग्नाशय संबंधी बीमारी के लिए अमेरिका में तीन महीने लंबा इलाज चला था।

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