श्रीनगर: श्रीनगर के बाहरी इलाके में एक सरकारी भवन के भीतर छिपे हुए आतंकियों के साथ भीषण गोलीबारी में रविवार को दो कैप्टन सहित तीन सैन्य कमांडर और एक आतंकी की मौत के साथ कल दोहपर से जारी मुठभेड़ में सात लोगों की मौत हो चुकी है। उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई) के उस बहुमंजिले भवन में दोपहर में आग लग गयी जहां सेना और भारी हथियारों से लैस आतंकियों के बीच आज दूसरे दिन रात तक मुठभेड़ जारी थी। तीन से चार आतंकियों के होने की आशंका है। दिन में आतंकियों ने गोलीबारी की और सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड फेंके, जिन्होंने इमारत को चारों तरफ से घेराबंदी कर रखी है। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में सेना के कैप्टन पवन कुमार, कैप्टन तुषार महाजन और जवान ओम प्रकाश शहीद हो गये। ये सभी एलिट पैरा कमांडो टुकड़ी से जुड़े थे। सेना शाम तक एक आतंकी को मार गिराने में कामयाब रही। आतंकियों ने कल दोपहर सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया।
इसमें सीआरपीएफ के दो जवान और एक नागरिक की मौत हो गयी और नौ अन्य जवान घायल हो गए। इसके बाद आतंकियों ने ईडीआई भवन के भीतर पनाह ली जिसके बाद मुठभेड़ हुयी। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने ‘इंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट इन्स्टीट्यूट’ (ईडीआई) की इमारत में प्रवेश करने की कोशिश की तो वहां छिपे उग्रवादियों ने गोली चलाई जिससे कैप्टन पवन कुमार घायल हो गए। उन्होंने कहा कि घायल अधिकारी की बाद में मृत्यु हो गई। उग्रवादियों ने शनिवार दोपहर को सीआरपीएफ के एक काफिले पर गोलीबारी की थी, जिसमें बल के दो जवान शहीद हो गए थे और एक असैन्य व्यक्ति की मौत हो गई तथा नौ जवान घायल हो गए थे। बाद में उग्रवादी ईडीआई की इमारत में छिप गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 100 नागरिकों को सुरक्षा बलों ने ईडीआई की इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिनमें संस्थान के कर्मी और छात्र शामिल हैं। दरअसल, शनिवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद तीन से पांच की संख्या में आतंकी एक सरकारी इमारत में जा छिपे। इस इमारत में सौ से अधिक लोग भी फंसे हुए थे, जिन्हें हमले के तुरंत बाद ही रेसक्यू कर लिया गया था। देर रात सेना ने इस इमारत को गिरा दिया है, लेकिन इसमें छिपे आतंकियों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। बंधक जैसी स्थिति को टालते हुए सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने श्रीनगर शहर के बाहरी हिस्से में स्थित पम्पोर में उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई) इमारत में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के राजेंद्र ने कहा, ‘इमारत से लोगों को बाहर निकालने में हम कामयाब रहे।’ इमारत से बाहर निकाले गए लोगों में से एक ने दावा किया कि आतंकवादियों ने उनसे वहां से चले जाने को कहा क्योंकि वे नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे। सेना के प्रतिष्ठित 15 कोर का मुख्यालय मुठभेड़ स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की मदद के लिए सेना के जवानों को भेजा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आतंकवादियों की संख्या तीन से पांच के बीच है। अधिकारियों ने बताया कि ईडीआई परिसर में घुसने के पहले आतंकवादियों ने परिसर के ठीक बाहर सीआरपीएफ के एक काफिले पर गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बल के दो जवान शहीद हो गये वहीं 10 अन्य घायल हो गए। घायलों में से एक नागरिक भी है जिसकी स्थिति गंभीर बतायी जाती है। घटनास्थल से रुक-रुक कर मुठभेड़ होने की खबर है और सुरक्षाकर्मी मुठभेड़ स्थान को अपने घेरे में ले रहे हैं। वहां रोशनी की व्यवस्था की जा रही है ताकि आतंकवादियों को भागने से रोका जा सके।