नई दिल्ली: 1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े एक मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ जांच रिपोर्ट पेश न करने पर अदालत ने सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसपीएस ललेर की अदालत ने जांच अधिकारी(आईओ) के पेश नहीं होने और मामले की जांच संबंधी रिपोर्ट पेश नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने सीबीआई के पुलिस अधीक्षक को 22 फरवरी को पेश होकर यह स्पष्ट करने का आदेश दिया कि अदालत के आदेशानुसार मामले में आगे जांच संबंधी रिपोर्ट क्यों दाखिल नहीं की गई। अदालत ने चार दिसंबर 2015 को टाइटलर के खिलाफ मामले में आगे जांच का सीबीआई को निर्देश दिया था और कहा था कि हथियारों के कारोबारी अभिषेक वर्मा के बयान से खुलासा हुआ है कि कांग्रेस नेता द्वारा उनके खिलाफ एक सबूत को मदद मुहैया कराए जाने में अहम भूमिका निभाई गयी थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई के अभियोजक से स्थिति रिपोर्ट के बारे में सवाल किया जिस पर उन्होंने कहा कि आईओ मौजूद नहीं हैं। पीडि़तों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एच एस फुल्का ने अदालती आदेश का पालन नहीं करने पर सख्त रूख अख्तियार करने और स्पष्टीकरण के लिए एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करने का अदालत से अनुरोध किया था। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। यह मामला तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद एक नवंबर 1984 को उत्तरी दिल्ली के गुरूद्वारा पुलबंगश में हुए दंगे से संबंधित है जहां तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी।