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इस्तांबुल: तुर्की में हाल के महीने में हुए कई धमाकों के बाद मंगलवार को फिर इस्तांबुल के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर संदिग्ध आतंकी हमला हुआ जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि सुलतानअहमद इलाका धमाके से दहल उठा। इसी इलाके में कई बड़ी ऐतिहासिक धरोहरें हैं जहां रोजाना हजारों पर्यटक आते हैं। हाल के महीनों में तुर्की आतंकवादियों के निशाने पर रहा है और यहां कुछ आतंकी वारदातें हुई हैं जिनके लिए इस्लामिक स्टेट को जिम्मेदार कहा गया। बीते साल अक्तूबर महीने में तुर्की की राजधानी अंकारा में हुए आत्मघाती बम धमाके में 103 लोग मारे गए थे। इस हमले के पीछे कौन है, इस बारे में पूछे जाने पर तुर्की के एक अधिकारी ने बताया, ‘इस हमले के तार आतंकवादियों से जुड़े होने का संदेह है।’

वॉशिंगटन: अमेरिका ने कहा है कि वह इस बात से उत्साहित है कि पाकिस्तान सरकार ने पठानकोट आतंकी हमले की निंदा की है और उसकी जांच का वादा किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि जांच संपूर्ण और ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी होगी। लेकिन यदि इस जांच की प्रगति या मौजूदा स्थिति की बात की जाए तो इसके बारे में आपको पाकिस्तानी अधिकारियों से बात करनी होगी।’ पठानकोट आतंकी हमला: पाकिस्‍तान में धरपकड़ लेकिन भारत के सबूतों को नकारा, इंटरपोल की मदद लेगी मोदी सरकार उन्होंने कहा, ‘हम इस बात से उत्साहित हैं कि पाकिस्तानी सरकार ने हमले की निंदा की है और कहा है कि वे जांच करेंगे।’ प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि दोनों देश अपनी शांति वार्ताएं जारी रखें।

वॉशिंगटन: इस्लामिक स्टेट ने अपने उन चरमपंथियों को सार्वजनिक रूप से जिंदा जला दिया जो रमादी शहर में इराकी सुरक्षा बलों के हाथों हारे थे। फॉक्स न्यूज डॉट कॉम के अनुसार, मोसुल शहर के कई निवासियों ने दावा किया कि रमादी पर इराकी सुरक्षा बलों के कब्जा करने के बाद कई जेहादियों को जिंदा जलाया गया। उत्तरी इराक के एक पूर्व बाशिंदे ने कहा, ‘उन लोगों को एक साथ लाया गया और गोला बनाकर खड़ा किया गया। इसके बाद उनको जलाकर मार दिया गया।’ मोसुल के कई और निवासियों ने कहा कि हारे आईएस चरमपंथियों को सजा दी जा रही है और रमादी में लड़कर जान नहीं गंवाने के कारण उनको मौत के घाट उतारा जा रहा है। रमादी पर नियंत्रण हासिल करने के बाद इराक सरकार अब मोसुल को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रही है।

सोल: उत्तर कोरिया ने कहा कि उसके परमाणु परीक्षण का उद्देश्य उकसाना या खतरा उत्पन्न करना नहीं है। साथ ही उसने एक ऐसी हथियार प्रणाली की अपनी योजना रखी जो पूरे अमेरिका को मिटा देने में सक्षम होगी। सरकारी संवाद समिति केसीएनए की एक लंबी टिप्पणी में उत्तर कोरिया के इस दावे को रेखांकित किया गया कि पिछले बुधवार को किया गया परीक्षण एक शक्तिशाली छोटे हाइड्रोजन बम का था जो कि देश की एक विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने की तलाश में एक ‘नये उच्च चरण’ का प्रतीक है। विशेषज्ञों ने व्यापक रूप से इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि परीक्षण पूर्ण विकसित थर्मोन्यूक्लियर डिवाइस के लिए काफी निम्न था और वह सामान्य विखंडन अंत:स्फोट उपकरण जैसा ही था जिसका परीक्षण वह पूर्व में तीन बार कर चुका है।

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