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इलाहाबाद: चेक बाउंस मामलों की विशेष अदालत ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है। सरकारी आदेश के उल्लंघन से जुड़े एक अन्य आपराधिक मामले में कोर्ट ने नंदी को सम्मन जारी करने का आदेश दिया है। स्पेशल जज उमाशंकर ने चेक बाउंस के मामले में गैरहाजिर रहने के कारण नंदी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। व्यापारी नेता अमर वैश्य की ओर से दाखिल मामले में आरोप है कि नंदी ने सीमेंट के एवज में डेढ़ लाख रुपये चेक से दिए थे लेकिन चेक बाउंस हो गया। कोर्ट में मुकदमा चला तो नंदी ने उपस्थित होकर जमानत करा ली लेकिन उनकी ओर से यह जांच कराने की मांग की गई थी कि चेक में कटिंग करके 2006 की जगह 2008 लिखकर उसका प्रयोग किया। एसीजेएम डॉ. एसके सिंह ने सरकारी आदेश के उल्लंघन में दाखिल जार्जटाउन पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेकर नंदी को समन जारी करने का निर्देश दिया है। यह मुकदमा उप निरीक्षक मो. जमीर दरोगा ने दर्ज कराया था। मामले के विवेचक संतोष पांडेय ने गवाह कैंट इंस्पेक्टर राकेश अवस्थी, शिवकुटी इंस्पेक्टर पान सिंह व राम मोहन राय के बयानों के आधार पर नंदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि नंदी ने गत आठ जनवरी को मेजर रंजीत सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मैदान में आगाज कार्यक्रम की अनुमति 21 दिसम्बर 2016 को ली थी।

एसीएम प्रथम ने उन्हें दो लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी लेकिन कार्यक्रम में छह लाउडस्पीकर और 16 साउंड बाक्स बजाये गए और होर्डिंग लगाए गए, जो आईपीसी की धारा 188 के तहत अपराध है।

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