ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

बेंगलुरु: कर्नाटक के पंजीकृत मदरसों में दो साल के लिए प्रयोगात्मक आधार पर गणित और विज्ञान के साथ-साथ कन्नड़ और अंग्रेजी भी पढ़ाई जाएगी। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को इसका एलान किया।

सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर लिखा- वक्फ संपत्तियों और वक्फ संस्थानों द्वारा संचालित पंजीकृत मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रायोगिक आधार पर कन्नड़, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और अन्य विषयों में दो साल तक लगातार पढ़ाया जाएगा और राष्ट्रीय ओपन स्कूल के माध्यम से एसएसएलसी, पीयूसी और स्नातक परीक्षाएं कराई जाएंगी। इस संबंध में एक आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।

सीएम ने राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा का संदेश साझा करते हुए यह घोषणा की जिसके अनुसार, यह पहल सबसे पहले 100 मदरसों में की जाएगी। 

इस संबंध में एक आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख