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अहमदाबाद: गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी को इंसाफ दिलाने के लिए सालों से संघर्ष कर रहीं उनकी पत्नी जकिया जाफरी ने गुरुवार को विशेष अदालत की ओर से 66 आरोपियों में से 36 को बरी किए जाने पर निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें सजा मिलनी चाहिए थी क्योंकि उन्होंने लोगों को मारा और संपत्ति बर्बाद की। गौरतलब है कि गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड में एहसान जाफरी सहित 69 लोग मारे गए थे। जकिया के बेटे तनवीर जाफरी ने कहा कि वह 36 आरोपियों को बरी किए जाने के मुद्दे पर अपने वकीलों से राय-मशविरा करेंगे और तब फैसला करेंगे कि ऊपर की अदालत में अपील करनी है या नहीं। जकिया ने कहा कि इंसाफ के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, 'अदालत के फैसले से मैं संतुष्ट नहीं हूं। उन्हें सजा मिलनी चाहिए थी क्योंकि मुझे पता है कि उन्होंने क्या किया। उन्हें निश्चित तौर पर सजा मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने लोगों को मारा और उनके परिवारों को बर्बाद कर डाला। मैंने अपनी आंखों से उन्हें ये सब करते देखा।' जकिया ने कहा कि एक महिला होने के नाते उनमें इतना साहस नहीं है कि वह दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग करें, लेकिन उन्हें सख्त से सख्त सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'जब वे (अदालत की ओर से बरी किए गए लोग) अपनों से अलग कर दिए जाएंगे, तब उन्हें अहसास होगा कि हमने क्या-क्या सहा।

मेरी लड़ाई थम जानी चाहिए थी, लेकिन फैसले को देखते हुए मेरी लड़ाई जारी रहेगी।' एक एसआईटी अदालत ने गुरुवार को गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड के 66 आरोपियों में से 24 को दोषी करार दिया।

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