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पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया है। 48 घंटे में दूसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उनके पास बहुमत है। कांग्रेस ने इससे पहले मनोहर पर्रिकर की ज्यादा तबीयत खराब होने पर शनिवार को राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि, कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्यपाल मृदुला सिन्हा 'भाजपा कार्यकर्ता' की तरह काम कर रही हैं। साथ ही कहा था कि राज्यपाल ने उनके पत्र का न कोई जवाब दिया और न ही मिलने का समय दिया। कांग्रेस ने कहा था कि भाजपा के विधायकों की संख्या कम हो गई है और कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है।

बता दें, मनोहर पर्रिकर का रविवार शाम निधन होने के बाद विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों की संख्या 13 से 12 हो गई। लेकिन साथी दलों को मिलाकर अभी भी भाजपा के पास 20 विधायक हैं। अभी गोवा में सरकार बनाने के लिए 19 विधायकों की जरूरत है। पर्रिकर के निधन से एक दिन पहले कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।

वहीं दूसरी ओर खबरें हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि, कामत ने इन खबरों का खंडन किया है। 40 विधानसभा सीटों वाले राज्य में भाजपा के पास 12 विधायक हैं। वहीं भाजपा को गोवा फॉरवर्ड पार्टी और एमजीपी के तीन-तीन और एक एनसीपी विधायक का समर्थन हासिल है। इसके अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार भी भाजपा के समर्थन में है। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं। इस साल के शुरु में भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और रविवार को पर्रिकर के निधन तथा पिछले साल कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के इस्तीफे के कारण सदन में विधायकों की संख्या 36 रह गयी है।

वहीं दूसरी ओर राज्य में नए मुख्यमंत्री की तलाश हो रही है। क्षेत्रीय दलों के साथ यहां गठबंधन सरकार चली रही भाजपा अपनी पार्टी से ही किसी नेता को नए सीएम दावेदार के रूप में पेश करना चाहती है, मगर एक प्रमुख सहयोगी दल के विधायक ने खुद की दावेदारी ठोककर भाजपा को मुश्किल में डाल दिया है। पर्रिकर के निधन के बाद पणजी पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में भाजपा और गठबंधन नेताओं की हुई बैठक में मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में आम सहमति नहीं बन सकी।

भाजपा विधायक मिशेल लोबो ने कहा कि महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक सुदिन धावलीकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। एक होटल में देर रात तक चली बैठक के बाद भाजपा नेता लोबो ने कहा कि सुदीन धवलीकर खुद को सीएम के रूप में देखना चाहते हैं, जबकि भाजपा चाहती है कि गठबंधन का नेता उनके दल से हो। हम मीटिंग में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सके।

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