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रांची: झारखंड के सिमडेगा जिले में भूख के चलते 11 साल की बच्ची की मौत ने राज्य सरकार को हिलाकर रख दिया है। परिवार ने चार दिन से कुछ खाया नहीं था, क्योंकि आधार कार्ड न होने की वजह से उसे राशन नहीं मिल रहा था। इस घटना के बाद राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

वैसे सरयू राय ने वही बात कही है, जिसकी चर्चा पिछले कई महीने से ब्यूरोक्रेसी में जोरशोर से हो रही थी। उन्होंने सीएम मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वैसे लोगों का राशन कार्ड को रद्द करने का निर्देश दिया था, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है।

मुख्य सचिव का निर्देश सुप्रीम कोर्ट की आदेश की अवमानना है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ये कहा था कि आधार कार्ड नहीं होने से सरकार किसी को राशन के लाभ से वंचित नहीं कर सकती। सरयू राय ने यह भी कहा कि विभागीय मंत्री होने के बाद भी मेरी बात नहीं सुनी जाती है।

इस घटना की स्वतंत्र जांच करने वाली फैक्ट-फाइंडिंग टीम का आरोप है कि परिवार को 6 महीने से राशन नहीं मिला, क्योंकि राशन दुकान वाला बताता रहा कि परिवार का राशन कार्ड आधार नंबर से जुड़ा नहीं है।

खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि राशन दुकान वाले ने जो किया, वह बिल्कुल नाजायज है। कहीं भी आधार को राशन कार्ड के लिए अनिवार्य नहीं बनाया गया है। जाहिर है, ये लापरवाही आपराधिक है जिसकी वजह से एक बच्ची की जान चली गई।

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