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रांची: राजद सुप्रीमो और चारा घोटाले के अभियुक्त लालू प्रसाद को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट से मामला स्थानांतरित करने का उनका आग्रह ठुकरा दिया और याचिका खारिज कर दी। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले को स्थानांतरित करने के लिए दिया गया आधार तर्कपूर्ण नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में भी इस याचिका में कोई मेरिट नहीं है। हालांकि अदालत ने लालू को छूट दी कि यदि वह चाहते हैं कि गवाह सुनील कुमार की फिर से गवाही कराई जाए, तो वह सीबीआई कोर्ट से इसका आग्रह कर सकते हैं। उनके आग्रह पर सीबीआई कोर्ट विचार करेगी। लालू प्रसाद ने सीबीआई के विशेष जज शिवपाल सिंह की अदालत पर अविश्वास जताया था और कहा था कि इस कोर्ट से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। जज पर आरोप लगाया था कि वह उनके गवाह के साथ सही तरीके से पेश नहीं आ रहे हैं। गवाह से जाति पूछने के बाद उन्हें कोर्ट से बाहर कर दिया। डीजी रैंक के अधिकारी सुनील कुमार की पहले गवाही नहीं ली और जब गवाही लेने से मना किया गया, तो उन्होंने कोर्ट का गवाह बनाकर गवाही दर्ज कराई।

इससे प्रतीत होता है कि अदालत लालू के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित है। इस कारण चारा घोटाले के जितने मामले इस कोर्ट में लंबित हैं उन्हें दूसरी अदालत में स्थानातंरित कर देना चाहिए। लालू की इस दलील का सीबीआई ने विरोध किया था और कहा था कि जो भी आरोप लगाए गए हैं वह बेबुनियाद हैं। लालू की यह पुरानी आदत है। पिछली बार भी सीबीआई जज पर उन्होंने ऐसा ही आरोप लगाया था, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।

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