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नई दिल्ली: भाजपा नेता सुब्रमण्‍यम स्वामी ने गुरुवार को उपराज्यपाल नजीब जंग से दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी। उनका आरोप है कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान एक निजी कंपनी से चंदा हासिल करने में आम आदमी पार्टी की सहायता की और इसके बदले में उसे गैरकानूनी फायदे पहुंचाए। जंग को लिखे पत्र में स्वामी ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर भी मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी है। उन्होंने दावा किया है कि सिसोदिया ने पहली आप सरकार के वित्त मंत्री के तौर पर वैट की उल्लंघनकर्ता निजी फर्म को लाभ पहुंचाया।

स्वामी के इन आरोपों के बारे में दिल्ली सरकार की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। जंग को लिखे पत्र में स्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में अरविंद केजरीवाल और तत्कालीन वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने गैर कानूनी तौर पर मैसर्स एस के एन एसोसिएट्स लिमिटेड को फायदा पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया है कि कंपनी का नाम मूल्य वर्धित कर के उल्लंघनकर्ताओं की सूची में था, जो 28 दिसंबर 2013 को केजरीवाल के सत्ता संभालने से 10 दिन पहले जारी की गई थी। स्वामी का आरोप है कि केजरीवाल और सिसोदिया ने सरकारी खजाने के लिए इस कंपनी से वसूली करने की बजाय इससे आम आदमी पार्टी के लिए चंदा मांगना शुरू कर दिया। यह दावा करते हुए कि एसकेएन एसोसिएट्स की चार सहयोगी कंपनियों ने आप को कुल 2 करोड़ रूपए अदा किए, स्वामी ने आरोप लगाया कि फर्म को बिजली के उपकरण, एयरकंडिशनर और एलपीजी तथा सीएनजी सामग्री की आपूर्ति सहित विभिन्न अनुबंध दिए गए। दोनों आप नेताओं पर मुकदमा चलाने की इजाजत मांगने संबंधी पत्र में स्वामी ने इसे पद और सार्वजनिक धन का दुरूपयोग बताया है, जो भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (1) (डी) के तहत आता है।

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