ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

नई दिल्ली: दिल्ली में नगर निगम के एक लाख से ज़्यादा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सड़कों से लेकर निगम के स्कूल अस्पतालों में असर दिखने लगा है। अपनी मांगों को लेकर एमसीडी कर्मचारियों ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कैंप ऑफिस के बाहर पटपड़गंज में कूढ़े का ढेर लगाकर प्रदर्शन किया। इस हड़ताल में तीनों निगमों के सफाई कर्मचारी, शिक्षक, डॉक्टर सब शामिल हैं। एमसीडी कर्मचारियों ने कल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के सामने और जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के कुल सवा लाख कर्मचारी हैं जिनमें से करीब 60 हज़ार सफ़ाई कर्मचारी हैं। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से ढलाव से ही नहीं बल्कि सड़कों और गलियों से भी कूड़ा उठना बंद हो गया है।

दिल्ली के तीनों नगर निगम अपने कर्मचारियों को तीन महीने से पैसा नहीं दे पा रहे। निगम कहता है, दिल्ली सरकार उसका फंड नहीं दे रही। जबकि, दिल्ली सरकार का दावा है कि उसने निगमों को इस साल 2000 करोड़ रुपये दे दिए हैं। निगम का दावा 3000 करोड़ का है। इस मसले पर वह कोर्ट जाने को तैयार है।

कर्मचारियों की मांग- महीने की पहली तारीख़ को मिले वेतन, तीनों नगर निगमों को फिर से एक किया जाए, बक़ाया वेतन का भुगतान तुरंत हो

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख