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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को बीजेपी नीत केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की ‘हत्या’ की साजिश रचने का आरोप लगाया और निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि पंजाब पुलिस द्वारा उन्हें प्रदान की गई सुरक्षा को बहाल किया जाए, जो वापस ले ली गई है। इस आरोप पर बीजेपी या दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

इसमें केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस हैं शामिल: आतिशी

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के उनके समकक्ष भगवंत मान ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को ‘‘समान अवसर’’ देने, केजरीवाल को पंजाब पुलिस से मिली सुरक्षा बहाल करने और उन पर ‘‘जानलेवा’’ हमलों की जांच करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश के चलते केजरीवाल पर कथित हमलों पर आंखें मूंद ली हैं।

आतिशी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘केजरीवाल जी की हत्या की इस साजिश में दो लोग शामिल हैं- बीजेपी और दिल्ली पुलिस। वे दोनों केजरीवाल की जान लेने की साजिश कर रहे हैं। उन पर एक के बाद एक हमले की कोशिश की गई है। अक्टूबर (पिछले साल) में केजरीवाल पर हमला किया गया। जांच में पता चला कि हमलावर भाजपा कार्यकर्ता थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर केजरीवाल की सुरक्षा बहाल करने की मांग की है। हमें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है, क्योंकि वह अमित शाह के नियंत्रण में है।’’

‘आप’ नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव से पहले ‘‘तुच्छ राजनीति’’ करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने केजरीवाल की सुरक्षा हटाने की साजिश रची है।

‘आप’ नेताओं द्वारा निर्वाचन आयोग को लिखे गये पत्र में कहा गया है, ‘‘हम आपको दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में गंभीर चिंता के साथ लिख रहे हैं, जिन्हें लगातार अपने जीवन के लिए गंभीर खतरों और उनकी सुरक्षा में जानबूझकर चूक का सामना करना पड़ रहा है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘ये चूक कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए रची गई एक बड़ी, सुनियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत होती हैं।’’

इसमें आरोप लगाया गया है कि पिछले तीन महीनों में विभिन्न मौकों पर केजरीवाल पर कई लक्षित हमले किए गए, जिनमें एक राजनीतिक रैली के दौरान हमला और पथराव की घटनाएं शामिल हैं, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।

पत्र में शिकायत की गई है कि पुलिस ‘‘मूकदर्शक बनी रही’’ और उसने केजरीवाल को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया।

मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली में केजरीवाल के लिए पंजाब पुलिस की सुरक्षा वापस लेने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्रालय के कथित आदेश को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ निर्णय बताया।

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कथित तौर पर दिल्ली में केजरीवाल के लिए पंजाब पुलिस की सुरक्षा वापस लेने को कहा है, क्योंकि उन्हें यहां पहले से ही ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।

उन्होंने पत्र में कहा है, ‘‘पंजाब पुलिस की सुरक्षा को किसी परामर्श या औचित्य के अचानक वापस लिया गया है। इस लापरवाहपूर्ण और राजनीति से प्रेरित फैसले ने केजरीवाल को पूरी तरह से दिल्ली पुलिस पर निर्भर कर दिया है।’’

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बृहस्पतिवार को कहा था कि केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात उनके राज्य के पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है।

यादव ने कहा था, ‘‘दिल्ली पुलिस और निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद हमने केजरीवाल जी की सुरक्षा में पंजाब पुलिस की तैनाती हटा ली है।’’

‘आप’ नेताओं ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह ‘‘अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल और गहन समीक्षा करे तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए’’ तथा ‘‘विश्वसनीय और निष्पक्ष सुरक्षा प्रदान करने के लिए उनकी सुरक्षा में पंजाब पुलिस की तैनाती को बहाल करे या बढ़ाए’’।

मान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बीजेपी नेताओं को जब जरूरत होती है तो उन्हें अन्य राज्यों से सुरक्षा मिलती है।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन्हें ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, योगी आदित्यनाथ को अपने राज्य से सुरक्षा मिलती है और यहां भी उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा मिलती है, क्योंकि उन्हें ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।’’

मान ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनावों के दौरान पंजाब पुलिस से मदद मांगी थी। उन्होंने मुझसे कहा था कि उन्हें केंद्रीय बलों पर भरोसा नहीं है। इसलिए हमने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई थी।’’

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