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नई दिल्ली: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के विरुद्ध अपराध की जांच के लिए जांच आयोग बनाया है, जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जज दिनेश दयाल करेंगे। नोटिफिकेश के मुताबिक, फरवरी 2013 के बाद के महिला के विरुद्ध अपराध के जितने भी मामले आए चाहे वह हिंसा के हों, पीछा करने या परेशान करने के हों, सबकी जांच की जाएगी और सरकार को सुझाव दिए जाएंगे कि सरकार इन पर क्या कार्रवाई करे। आयोग को जो अधिकार मिले हैं, उसके तहत यह जांच आयोग सुझाव देगा कि किस कानून में क्या बदलाव की जरूरत है, किस तरीके से ऐसे मामलों में तेज कार्रवाई हो और किस तरीके से मौजूदा कानून के प्रावधान और जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशें सही ढंग से लागू हों, जिससे ऐसे मामले दोबारा ना हों।

आपको बता दें कि दिल्ली में जुलाई 2015 में आनंद पर्वत इलाके में एक मिनाक्षी नाम की लड़की का कत्ल हो गया, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने विधानसभा का सत्र बुलाकार एक जांच आयोग गठित करने का प्रस्ताव विधान सभा से पास कराया था। इस आयोग का कार्यकाल 2 साल का होगा और यह हर तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट देगा, लेकिन एक बड़ा सवाल यहां उठाना लाजिमी है कि जब दिल्ली सरकार के बनाए दो जांच आयोगों (डीडीसीए जांच आयोग, सीएनजी फिटनेस जांच आयोग) को केंद्र सरकार अवैध घोषित कर चुकी है, मामला कोर्ट में चल ही रहा है, ऐसे में एक तीसरा जांच आयोग केंद्र और राज्य के बीच टकराव का नया मुद्दा तो बन ही सकता है।

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