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कोहिमा: गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के पूर्व अधिकारी आर.एन. रवि ने गुरुवार को नगालैंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। वह राज्य के 20वें राज्यपाल हैं। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी ने राजभवन में रवि को पद की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री नेफियू रियो, विधानसभा अध्यक्ष विखो-ओ यहोशू, विपक्षी नेता टी. आर. जेलियांग, राज्य के विभिन्न मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 20 जुलाई को उन्हें नया राज्यपाल नियुक्त किया था। रवि ने पी.बी. आचार्य की जगह ली है, जिनका कार्यकाल 19 जुलाई को खत्म हुआ था।

कोहिमा/नई दिल्ली: नगालैंड में शनिवार को भारत-म्यामां सीमा पर मौन इलाके में उग्रवादियों के एक समूह के साथ मुठभेड़ में असम राइफल्स के दो कर्मी मारे गये और चार अन्य घायल हो गये। असम राइफल्स के महानिरीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल विंसेट पैटन ने बताया कि आज दोपहर करीब डेढ़ बजे असम राइफल्स के जवानों की एक टुकड़ी दो वाहनों में जा रहा था। इसी दौरान नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (खापलांग) के संदिग्ध उग्रवादियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद अर्धसैनिक बल के जवानों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गयी। इसमें दो जवानों की मौत हो गयी। पैटन ने बताया कि इस मुठभेड़ में चार अन्य जवान जख्मी हो गए, जिन्हें असम के जोरहाट स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति स्थिर बतायी गयी है। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ में कितने उग्रवादी हताहत हुए हैं, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है।

नई दिल्ली: नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है कि नागरिकता विधेयक राज्य पर लागू नहीं हो सकता क्योंकि इसे संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) के तहत संरक्षण प्राप्त है। आपको बता दें कि रविवार को जेडीयू की राष्ट्रीय पदाधिकारियों व प्रमुख नेताओं की बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्यसभा में असम से संबंधित नागरिकता (संशोधन) विधेयक आता है तो पार्टी उसका विरोध करेगी। नागरिकता विधेयक लोकसभा में पास हो चुका है और राज्यसभा में बिल लंबित है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य को संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) और बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेग्युलेशन 1873 के तहत इनर लाइन परमिट के तहत संरक्षण मिला हुआ है। इस अनुच्छेद में नगालैंड के लिये विशेष प्रावधान किये गए हैं।

नई दिल्ली: पूरे नगालैंड राज्य को ‘अफ्स्पा’ कानून के तहत और छह महीने यानि जून अंत तक के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है। ‘अफ्स्पा’ सुरक्षा बलों को किसी भी जगह अभियान संचालित करने और बिना किसी पूर्व सूचना के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार देता है।

राज्य खतरनाक स्थिति में

गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार का विचार है कि पूरा नगालैंड राज्य क्षेत्र ऐसी अशांत एवं खतरनाक स्थिति में है कि प्रशासन की सहायता के लिए सशस्त्र बलों का इस्तेमाल जरूरी है। अधिसूचना में कहा गया है, ‘ऐसे में सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) कानून, 1958 (1958 के नम्बर 28) की धारा तीन के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार इसके द्वारा घोषणा करती है कि पूरा उपरोक्त राज्य उस कानून के उद्देश्य से 30 दिसम्बर 2018 से छह महीने की अवधि के लिए एक ‘अशांत क्षेत्र’ रहेगा।

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