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कोहिमा: नागालैंड सरकार ने मंगलवार को संशोधित फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) बिल, 2026 विधानसभा में पेश किया। बिल में पूर्वी नागालैंड के 6 जिलों के लिए 62 सदस्यीय क्षेत्रीय अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव है। इस अथॉरिटी को 46 विषयों पर विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां देने की बात कही गई है। उप मुख्यमंत्री वाई. पैटन ने 14वीं नागालैंड विधानसभा के 9वें सत्र के दौरान यह बिल पेश किया।

6 जिलों को शामिल किया गया, 62 सदस्यीय अथॉरिटी का प्रस्ताव

इससे पहले बजट सत्र में 26 मार्च को विधानसभा से पारित एफएनटीए बिल को स्पीकर शेरिंगेन लोंगकुमर के प्रस्ताव के बाद ध्वनि मत से वापस ले लिया गया था। अब संशोधित बिल पर 3 सितंबर को चर्चा और मतदान होगा। स्पीकर ने सदस्यों से कहा है कि अगर उन्हें किसी संशोधन या स्पष्टीकरण की जरूरत है, तो वे बुधवार दोपहर 2 बजे तक इसे जमा कर दें। प्रस्तावित एफएनटीए में तुएनसांग, मोन, लोंगलेंग, किफायर, नोकलाक और शमाटोर जिले शामिल होंगे।

कोहिमा: नागालैंड में एनसीपी अजित पवार गुट के सभी सात विधायक पाला बदलते हुए शनिवार (31 मई) को सत्तारूढ़ एनडीपीपी में शामिल हो गए। वहीं अब इस पर अजित पवार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि विधायकों ने मुझे बताया था कि उनके काम नहीं हो रहे हैं।

डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, "कुछ समय पहले वे खुद मुझसे मिलने देवगिरी बंगले पर आए थे और अपनी बेचैनी जाहिर की थी. उन्होंने शिकायत की थी कि उनका कोई भी काम नहीं हो रहा है।"

कोहिमा पहुंचेगा एनसीपी का दल

वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद एनसीपी अजित पवार नेताओं का एक दल रविवार (1 जून) को शाम तक कोहिमा पहुंचेगा। यह दल पार्टी के नागालैंड यूनिट के नेताओं से बात कर डिटेल रिपोर्ट बनाएगा. इस रिपोर्ट को अजित पवार को सौंपा जाएगा।

कोहिमा: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर नागालैंड के छह पूर्वी जिलों में मतदान कर्मी बूथों पर नौ घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन क्षेत्र के चार लाख मतदाताओं में से एक भी मतदान करने नहीं आया। 'फ्रंटियर नागालैंड क्षेत्र' की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए बंद का आह्वान किया गया था।

मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार को ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन की एफएनटी की मांग से कोई समस्या नहीं है क्योंकि वह पहले ही इस क्षेत्र के लिए स्वायत्त शक्तियों की सिफारिश कर चुकी है। ईएनपीओ पूर्वी क्षेत्र के सात आदिवासी संगठनों का शीर्ष निकाय है।

अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन और अन्य आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर पूर्वी नागालैंड की सड़कों पर आम लोगों या वाहनों की कोई आवाजाही नहीं है।

नागालैंड के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आवा लोरिंग ने कहा कि क्षेत्र के 738 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक मतदानकर्मी मौजूद थे, जिसमें 20 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।

नई दिल्ली: नगालैंड के स्थानीय निकाय में महिला आरक्षण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान केंद्र सरकार को फटकार लगाई। नगालैंड के स्थानीय निकाय में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू नहीं होने पर शीर्ष अदालत ने केंद्र से कहा, "आप अन्य राज्य सरकारों के खिलाफ तो कड़ा रुख अपनाते हैं, जो आपके प्रति उत्तरदायी नहीं हैं। लेकिन जिस राज्य में आपकी पार्टी की सरकार है, वहां आप कुछ नहीं करते।" कोर्ट ने सवाल किया, "आप अपनी ही पार्टी की राज्य सरकारों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लेते?"

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसके कौल ने केंद्र से पूछा कि नगालैंड के स्थानीय निकाय में 33 फीसदी आरक्षण क्यों लागू नहीं हुआ? क्या महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ कोई प्रावधान है? महिलाओं की भागीदारी का विरोध क्यों हो रहा है? जबकि जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाएं समान रूप से शामिल हैं। कोर्ट के सवाल पर अटॉर्नी जनरल नगालैंड ने कहा, "ऐसे महिला संगठन हैं, जो कहते हैं कि उन्हें आरक्षण नहीं चाहिए। ये पढ़ी-लिखी महिलाएं हैं। ये कोई छोटी संख्या नहीं है।"

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