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इंफाल: केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के कुछ ही घंटे बाद मणिपुर में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो गया। राज्यपाल अजय भल्ला ने लोकभवन में आयोजित समारोह में बीजेपी नेता वाई खेमचंद सिंह को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण समारोह बीजेपी द्वारा नई दिल्ली में 61 वर्षीय मैतेई समुदाय के नेता खएमचंद सिंह को नया विधायक दल नेता घोषित किए जाने के एक दिन बाद हुआ।

नेमचा किपगेन और लोसी दिखो बने डिप्टी सीएम

राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने लोक भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री के साथ, दो उपमुख्यमंत्रियों और दो अन्य मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले अन्य मंत्री बीजेपी के नेमचा किपगेन और गोविंदास कोंथौजम, नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के लोइशी दिखो और राष्ट्रीय जन पार्टी के खुरैजाम लोकेन सिंह हैं। पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से ऑनलाइन माध्यम से उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल. दिखो ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

इंफाल: मणिपुर में बीजेपी ने सरकार बनाने की कवायद तेज कर दी है। युमनाम खेमचंद सिंह को बीजेपी विधायक दल का नेता घोषित किए जाने के एक दिन बाद बुधवार को केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया। इसी के साथ राज्य में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। चर्चा है कि युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली सरकार आज शाम ही शपथ लेगी।

बुधवार को जारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया, "संविधान के अनुच्छेद 356 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, द्रौपदी मुर्मू, भारत की राष्ट्रपति, मणिपुर राज्य के संबंध में उक्त अनुच्छेद के तहत 13 फरवरी, 2025 को मेरे द्वारा जारी की गई उद्घोषणा को 4 फरवरी, 2026 से निरस्त करती हूं।"

जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ बीजेपी नेता खेमचंद सिंह आज शाम 6 बजे लोक भवन में नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मणिपुर सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए मुख्यमंत्री के साथ एक या दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुछ मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है।

इंफाल: मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में अपने घरों को लौटने की कोशिश कर रहे सैकड़ों विस्थापित लोगों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद विस्थापित हुए ये लोग विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे हैं। जब ये लोग जिले की सीमा पर स्थित ग्वालताबी में अपने घरों की ओर बढ़ रहे थे, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें यैंगांगपोकपी में रोक दिया।

सुरक्षा बलों ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे

उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने ग्रुप को तितर-बितर करने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे। बल का इस्तेमाल भीड़ को कंट्रोल करने और हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए किया गया था। यह घटना जिले में बेघर लोगों और अधिकारियों के बीच टकराव के पैटर्न को दिखाती है, खासकर 21 नवंबर को संगाई फेस्टिवल शुरू होने के बाद से। जातीय हिंसा के बाद, जिसके कारण उन्हें अपने घरों से निकलना पड़ा, कई बेघर लोग एक साल से ज़्यादा समय से रिलीफ कैंप में बंद हैं।

इंफाल: मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में शुक्रवार शाम आतंकियों ने असम राइफल्स के वाहन पर हमला कर दिया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए और कम से कम तीन अन्य घायल हो गए। घटना नांबोल सबल लेइकाई इलाके में शाम करीब 6 बजे हुई, जब जवानों का वाहन इंफाल से बिष्णुपुर जा रहा था। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में आतंकवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए, जिनमें एक जेसीओ और एक जवान शामिल हैं। दो जवान घायल हैं. व्यस्त सड़क पर जवानों के वाहन पर हमला करने के बाद आतंकी एक सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले। जवानों ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। सुरक्षा बल ने हमले के पीछे छिपे आतंकियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इस हमले की कड़ी निंदा की। राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि असम राइफल्स के दो बहादुर जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।

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