ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

शिमला: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश कहर बरपा रही है। शिमला में भूस्खलन में एक महिला की मौत हो गई। दरअसल, हिमाचल प्रदेश में आज सुबह बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई लोग लापता हो गए। राज्य में गुरुवार रात से लगातार बारिश हो रही है। बादल फटने के बाद कुल्लू जिले के मलाणा और मणिकर्ण का राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है और बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में छह लोग लापता हैं।

शिमला में ढल्ली सुरंग के पास हुए भूस्खलन में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक पुरुष और एक महिला सहित दो अन्य घायल हो गए। सूत्रों ने कहा कि पीड़ित प्रवासी श्रमिक बताए जा रहे हैं. जब यह घटना हुई, तब वे सड़क किनारे तंबू में सो रहे थे। घायलों को इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया है। मलबे की चपेट में कुछ वाहन भी आए। इस बीच, कुल्लू और किन्नौर जिलों से अचानक बाढ़ आने की खबर है। कुल्लू के चोझ गांव में मवेशियों के अलावा कम से कम चार लोग बह गए। भूस्खलन के कारण बचाव दल भी बीच में ही फंस गया है।

वहीं मलाणा में दो बिजली परियोजनाओं में काम कर रहे लगभग 25-30 कर्मचारी, जो अचानक बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त एक इमारत में फंस गए थे, को निकाल लिया गया है।

इस बीच मणिकर्ण घाटी के सभी जल स्रोतों में बहुत अधिक पानी का बहाव देखा जा रहा है। लारजी, पंडोह और बिलासपुर के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, कुल्लू में रात से ही बारिश हो रही थी। ऐसे में सुबह के समय चोज नाले में बादल फट गया। बादल फटने के कारण नाले के साथ लगते घरों को भी खासा नुकसान हुआ है। वहीं बताया जा रहा है कि इसमें कुछ लोग भी बह गए हैं। गांव की ओर जाने वाला एकमात्र पुल भी इसकी चपेट में आ गया है, जिससे अब रेस्क्यू करने में भी प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। एसपी गुरुदेव शर्मा ने बताया कि नाले में बादल फटने की सूचना मिली है और अब पुलिस व प्रशासन की टीम मौके की ओर रवाना कर दी गई है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए वे नदी व नालों के किनारे ना जाए।

 

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख