कुल्लू: आम आदमी पार्टी (आप) की कुल्लू में आयोजित तिरंगा यात्रा में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आप कार्यकर्ताओं के अंदर जोश भरा। साथ ही हिमाचल प्रदेश की जनता से वोट की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि हिमाचल का हजारों करोड़ों का बजट है, यह पैसा कहां जाता है। 20 साल में एक भी नया स्कूल, अस्पताल, सड़क नहीं बनी, फिर हजारों करोड़ रुपए कहां गए। एक बार कांग्रेसियों की जेब में गया एक बार भाजपा वालों की जेब में। दिल्ली में हमने सरकारी स्कूल अच्छे बना दिए। आज एक आदमी मजबूरी में अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में भेजता है। सरकारी स्कूल अच्छे होते तो वहां भेजते। दिल्ली में लोगों ने बच्चों को प्राइवेट से निकालकर सरकारी स्कूल में एडमिशन करे हैं।
केजरीवाल ने कहा आज अपने बच्चों की शक्ल देखकर खुद से पूछना कि कौन सी पार्टी उन्हें बेहतर भविष्य दे सकती है। कौन सी पार्टी उनके लिए अच्छे स्कूल बना सकती है। सभी बड़े देशों में बच्चों की पढ़ाई फ्री है। मैं पैसे नहीं खाता, मेरे और भगवंत मान के स्विस बैंक में खाते नहीं हैं।
उन्होंने कहा, हमने मोहल्ला क्लिनिक बनाए, 15 अगस्त से पंजाब में भी मोहल्ला क्लिनिक शुरू होने जा रहे हैं। दिल्ली में हमने 5 साल में 12 लाख बच्चों को रोजगार दिया है। अगले 5 साल में 20 लाख को रोजगार देंगे। तिरंगा हमारी आन बान शान है, लेकिन तिरंगा तब ऊंचा होगा जब युवाओं को रोजगार मिलेगा, अच्छी शिक्षा मिलेगी। हमें एक मौका देकर देखो काम न करें तो भगा देना।
भगवंत मान बोले हमें राजनीति नहीं आती, सेवा का मौका दें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हम कोई शक्ति प्रदर्शन करने नहीं आए। वोट की बात करने नहीं आए। हमने पंजाब में 100 दिन में कई बडे़ फैसले लिए जो 75 साल में नहीं हुए। एंटी करप्शन ऑनलाइन जारी कर दी। लोगों का विश्वास बढ़ा है कि कोई आया है जो हमारे पैसे बचाने की बात कर रहा है। हमने चेक कराया है, पता चल रहा है कि खजाना कहां-कहां है, वहां से खजाना निकालकर लोगों की जेब में दे रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल की सोच है कि आम घरों के बेटों बेटियों को विधानसभा में लेकर जाना है। अब तक 5-5 साल की गुलामी की किश्तें हमें मिल रही थीं। डिब्बों का कोई कसूर नहीं होता, इंजन ही पुराने हैं। पहले दिल्ली वालों ने इंजन बदला, फिर पंजाब में, अब हर राज्य के लोग कह रहे हैं कि हमें आप की सरकार चाहिए। बस आप लोग हमें एक बार सेवा का मौका दें।