ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के दो दिन बाद ही सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वीरभद्र सिंह सरकार में मंत्री अनिल शर्मा ने कांग्रेस से नाता तोड़कर कमल का दामन थाम लिया है। बताया जा रहा है कि अनिल शर्मा रविवार को औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने 83 वर्षीय वीरभद्र सिंह की अगुवाई में चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने राज्य की 68 विधानसभा सीटों में से 36 पर जीत हासिल की थी। भाजपा के खाते में 26 सीटें गई थीं।

वहीं राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही मैदान में उतरेगी। हालांकि ये भी चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को भाजपा फ्रंट में रख सकती है।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने शनिवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में अहम बैठक की।

इस बैठक में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह सहित शीर्ष नेता और समिति के अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। इस राज्य में विधानसभा की 68 सीटें हैं। हिमाचल चुनाव के लिए नामांकन भरने की तारीख 16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक है और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर है। वोटों की गिनती 18 दिसंबर को होगी।

हिमाचल प्रदेश में वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल होगा, कुल 7521 पोलिंग स्टेशन होंगे। प्रत्याशी प्रचार में अधिकतम 28 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल सात जनवरी 2018 को समाप्त हो रहा है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख