इटानगर: अरुणाचल प्रदेश में फ्लेर टेस्ट से पहले बड़ा उलटफेर हुआ है। कांग्रेस के बागी विधायकों की कांग्रेस से डील हो गई है और 30 में से 24 विधायक वापस कांग्रेस में लौट आए हैं। कल तक बागी रहे पेमा खांडू को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुना गया है। फिलहाल कांग्रेस विधायक दल की बैठक चल रही है, जिसमें 40 से अधिक विधायक शामिल हैं। कांग्रेस के बागी विधायक भी बैठक में मौजूद हैं। इस तरह से अब कांग्रेस के पास 39 विधायक हो गए हैं और सरकार बचनी तय है। वहीं नबाम तुकी ने कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल कांग्रेस के 20 बागी विधायकों ने संकेत दिए थे कि पार्टी अगर नेतृत्व में परिवर्तन करती है तो वह बगावती तेवर छोड़ पार्टी में वापस लौट सकते हैं। अगर ये विधायक सदन में कांग्रेस का समर्थन करते हैं तो 60 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी के पास 35 विधायकों का समर्थन होगा और इस तरह वह आसानी से बहुमत साबित कर लेगी। इससे पहले शुक्रवार दोपहर तुकी ने शक्ति परिक्षण के लिए राज्यपाल से 10 दिनों का वक्त मांगा था। वहीं अरुणाचल विधानसभा अध्यक्ष नाबाम रबिया ने संकेत दिए थे कि वह सदन में शक्ति परीक्षण की स्थिति में नहीं हैं। विधानसभा सचिवालय से जुड़े सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि शनिवार दोपहर 1 बजे शक्ति परिक्षण निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने अहम फैसला सुनाते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार को बड़ा झटका दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार बहाल करते हुए राष्ट्रपति शासन रद्द कर दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस के बागी कलिखो पुल की सरकार की जगह नबाम तुकी ने मुख्यमंत्री के रूप में कामकाज संभाल लिया था