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इटानगर: अरूणाचल प्रदेश शुक्रवार को उस समय एक और राजनीतिक टकराव के दौर की तरफ बढ़ गया जब राज्यपाल ने बहाल किये गये मुख्यमंत्री नबाम तुकी का शक्ति परीक्षण स्थगित करने का अनुरोध ठुकरा दिया। तुकी को विधानसभा में शनिवार को अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया गया है। बुधवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा बहाल किये गये मुख्यमंत्री तुकी ने आज राज्यपाल तथागत राय से मुलाकात की और शक्ति परीक्षण कम से कम दस दिन स्थगित करने का अनुरोध किया। तुकी को अपना बहुमत साबित करने का मुश्किल काम करना है क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 43 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। सूत्रों ने कहा कि भाजपा के 11 और दो निर्दलीय विधायकों सहित 43 सदस्यों के साथ पुल के देर रात गुवाहाटी से यहां आने की संभावना है। पुल ‘पीपुल्स पार्टी आफ अरूणाचल’ (पीपीए) के प्रमुख हैं जिसमें कांग्रेस के बागी भी शामिल हैं। सोलह जुलाई तक शक्ति परीक्षण का कल निर्देश देने वाले राज्यपाल से मुलाकात के बाद तुकी ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने कानूनी विशेषज्ञों की सलाह पर यह समय मांगा है। हालांकि राज्यपाल ने तुकी का अनुरोध ठुकरा दिया। तत्कालीन राज्यपाल जेपी राजखोवा की विवादित भूमिका के बाद जनवरी में गिरने वाले कांग्रेस सरकार का तुकी नेतृत्व कर रहे थे।

राजभवन द्वारा यहां जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान सरकार के पास विधानसभा में जरूरी बहुमत नहीं होने की आशंका का हवाला देते हुए राज्यपाल ने तुकी से कल सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा है। गृह मंत्री तंगा बयालिंग के साथ तुकी ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात करके उनसे शक्ति परीक्षण दस दिन के लिए टालने का अनुरोध किया और कहा कि इतनी कम अवधि में यह संभव नहीं है। तुकी ने राज्यपाल की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मैंने सदन में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए कम से कम 10 दिन का समय मांगा। राज्यपाल ने कहा कि वह कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करेंगे, एडवोकेट जनरल की सलाह लेंगे और उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।’ इस बीच विधानसभा अध्यक्ष नबाम रेबिया ने कहा कि उनके लिए इतने कम समय में विधानसभा का सत्र बुलाना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘(सत्र आहूत करने की) एक स्थापित प्रणाली है। संसदीय मामलों के विभाग से एक पत्र आना चाहिए और हमें पत्र जारी करने होंगे।’

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