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ईटानगर: अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कलिखो पुल और विधानसभा अध्यक्ष वांगकी लोवांग सहित 29 विधायक पीपल्स पार्टी ऑफ़  अरूणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए जो राज्य की एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी है। कांग्रेस के दो विधायक एलो लिबांग (तूतिंग-यिंगकियोंग विधानसभा क्षेत्र) और तूतिंग जामोह (पासीघाट पश्चिम क्षेत्र) भी बुधवार रात पुल के साथ आ गए जो पहले नबम तुकी का समर्थन कर रहे थे। कांग्रेस के इन दो विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 15 रह गई है। 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 11 सदस्य हैं और दो विधायक निर्दलीय हैं। विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए पुल ने कहा कि कल रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान सभी 30 विधायकों ने राज्य के संपूर्ण विकास के लिए पीपीए में शामिल होने का निर्णय किया। उन्होंने कहा, ‘यह सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। हम ऐसा निर्णय करने को बाध्य थे क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने नेतृत्व बदलने के हमारे बार..बार के आग्रह पर ध्यान नहीं दिया।

कांग्रेस में रहते हुए हमने पार्टी के खिलाफ कभी काम नहीं किया बल्कि नेतृत्व बदलने की मांग की। पार्टी के वरिष्ठ नेता हमारे मुद्दे का समाधान नहीं कर पाए और हमें दरकिनार कर दिया जिससे हम ऐसा निर्णय करने को बाध्य हो गए।’ मुख्यमंत्री बनने से पहले हाल में नयी दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात का जिक्र करते हुए पुल ने कहा कि जब उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की मांग की तो राहुल ने कहा कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार का निर्णय वह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी। पुल ने कहा, ‘लोकतंत्र में कोई पार्टी मुख्यमंत्री का निर्णय कैसे कर सकती है? यह संवैधानिक नियमों के खिलाफ है।’ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम देने का आश्वासन दिया।

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