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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज बाराबंकी के रामनगर विधानसभा क्षेत्र के रानीगंज गांव में जहरीली शराब काण्ड के पीड़ित परिवारों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतक आश्रितों को सांत्वना दी और सरकार से पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रूपए की मदद दिए जाने की मांग की।

यादव को बताया गया कि जनपद बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से अब तक 27 से ज्यादा मौंते हो चुकी हैं। जहरीली शराब सरकारी ठेके की थी। भाजपा की शराब माफियाओं से साठगांठ का यह नतीजा है। रानीगंज में ही 8 पीड़ित परिवार हैं। इन पीड़ित परिवारों में महिलाएं और बच्चे बचे हैं, इनके जीवनयापन का कोई जरिया न होने पर यादव ने चिंता जाहिर की। मृतकों के घरों में कोई कमानेवाला नहीं है। उनके घरों में कुछ सामान भी नहीं बचा है। एक ही परिवार के चार मृतक बाल्मीकि समाज के थे।

अखिलेश यादव से आज शिवकुमार पुत्र राम, सतीश कन्नौजिया पुत्र बरसाती, छोटेलाल पुत्र घोरू, मुकेश पुत्र छोटे लाल, रमेश पुत्र छोटे लाल एवं सोनू पुत्र छोटे लाल मृतक के परिवारीजन मिले। परिवारीजनों ने बताया कि शराब के सरकारी ठेके से पावर हाउस और बोल्डर नाम की देशी शराब खरीदी गई थी। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अभी तक शराब काण्ड के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सख्त कदम क्यों नहीं उठाये गये?

रानीगंज से लौटते हुए अखिलेश यादव पौराणिक महत्व के आस्था केन्द्र महादेवा मंदिर भी गए। वहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की आरती और पूजा अर्चना की। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना धर्मराज युधिष्ठिर ने की थी और पाण्डवों ने भी इसकी परिक्रमा की थी। पुजारियों ने महादेवा मंदिर के प्रवेशद्वार पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वस्तिवाचन मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया और पूजा के बाद मंदिर क्षेत्र की परिक्रमा में भी साथ रहे। मुख्य पुजारी ने अखिलेश यादव को पूजा का अंगवस्त्र देते हुए उनकी सफलता एवं विजय का आशीर्वाद दिया।

महादेवा में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी आंदोलन के महानायक डाॅ. राममनोहर लोहिया ने राम की मर्यादा, कृष्ण के हृदय और शिव के मस्तिष्क को अपनाने की आकांक्षा की थी। 

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