देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर सरकार गिराने के लिये भाजपा द्वारा उन्हें 25 करोड रुपये दिये जाने संबंधी गलत बयान देने का आरोप लगाते हुए उनके पूर्ववर्ती विजय बहुगुणा ने उन्हें मानहानि नोटिस भेजा है। अपने वकील राजेश्वर सिंह के माध्यम से दिये गये इस नोटिस में बहुगुणा ने रावत से तीन दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि ऐसा न होने की स्थिति में वह उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। हांलाकि, एक संवाददाता सम्मेलन में इस बारे में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें कोई नोटिस मिलने से इंकार किया और कहा कि अगर उन्हें भविष्य में इस तरह को कोई नोटिस मिलता है तो वह उसका मीडिया के जरिये नहीं बल्कि कानूनी तरीके से जवाब देंगे। नोटिस में कहा गया है, ‘आप लगातार भाजपा और मेरे मुवक्किल के बीच धन के लेन देन से संबंधित झूठे और निराधार आरोप लगा रहे हैं। आप अपने संवाददाता सम्मेलनों और जनसभाओं में आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा द्वारा मेरे मुवक्किल के खातों में 25 करोड रुपये जमा कराये गये हैं।’
इन आरोपों को ‘अत्यधिक अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण’ बताते हुए नोटिस में कहा गया है कि ये आरोप जानबूझकर बहुगुणा की छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से लगाये जा रहे हैं। नोटिस में तीन दिनों के भीतर माफी मांगने या कानूनी कार्रवाई को झेलने के लिये तैयार रहने को कहा गया है।मानहानि नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बहुगुणा ने कहा, ‘पूरे देश ने स्टिंग सीडी में रावत को खुले आम खरीद फरोख्त करते देखा है। मेरे खिलाफ ऐसे झूठे और निराधार आरोप लगाकर वह केवल अपनी करतूतों से लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं।’