देहरादून: केंद्र की भाजपानीत सरकार को ‘अतिबलशाली’ बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को आरोप लगाया कि वह अपनी पूरी ताकत से उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के सपनों को चकनाचूर करने में लगा रही है लेकिन अगर ऐसे ही सत्ताबल, धनबल और बाहुबल से मुख्यमंत्री बदले जाते रहेंगे तो प्रदेश में अस्थिरता आयेगी। मुख्यमंत्री रावत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘उत्तराखंड में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। धर्मनिरपेक्षता की हत्या हो रही है। केंद्र की अतिबलशाली सरकार अपनी पूरी ताकत से उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के सपनों को चकनाचूर करना चाह रही है।’ इस संबंध में उन्होंने कहा कि हरीश रावत महत्वपूर्ण नहीं है और मुख्यमंत्री तो आते-जाते रहते हैं लेकिन यदि धनशक्ति से सत्ता मे परिवर्तन होगा तो इस राज्य में हर साल कोई धनपशु आकर अपदस्थ कर देगा। उन्होंने कहा, ‘ऐसे में मुख्यमंत्री गंदे रूमालों की तरह बदले जाते रहेंगे और प्रदेश में अस्थिरता आयेगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मेरे राज्य में गंदगी मत फैलाओ। एक कैंसर जैसे रोग को उत्तराखंड के शरीर में प्रविष्ट करने का काम मत करो। क्या मैं इतना नामुराद हूं या आप पर इतना भारी पड़ रहा हूं कि आप मुझे देखना भी नहीं चाहते या मेरे अंदर कोई जन्मजात विकलांगता है?
अगर ऐसा है तो आप बता दें, मैं हाथ जोड़कर खुद ही चला जाऊंगा।’ इस संबंध में उन्होंने कहा कि हाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद वह यह फैसला प्रदेश की प्रबुद्व जनता पर छोड़ना चाहते हैं कि क्या सही हुआ या गलत। हालांकि, रावत ने यह भी कहा कि इसी मकसद के लिये विधानसभा आहूत हो चुकी है और संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष यह मामला है और ऐसे समय मे किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। रावत ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वह स्मार्ट सिटी प्रकरण और खनन क्षेत्र में व्यापक भ्रष्टाचार और नैनीसार में पूंजीपतियों को प्रदेश की बेशकीमती जमीन औने-पौने दामों पर देने के झूठे और तथ्यहीन आरोप लगा रही है। रावत ने कहा, ‘भाजपा इस प्रकार के तथ्यहीन आरोप लगाकर प्रदेश का वातावरण दूषित कर रही है और प्रदेश के विकास के लिये नीतियां बनाये जाने की बजाय इस बात पर सब लगे हुए हैं कि तू चोर है और मैं चोर नहीं हूं।’ उन्होंने कहा कि जल्दी ही वह भाजपा के उन मूर्धन्य नेताओं के नामों की सूची जारी करेंगे जिन्हें पूर्व में प्रदेश में बहुत ही कम दामों पर सरकारी जमीने आवंटित की गयी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘देहरादून में स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव के लिये राज्य सरकार पांच जोन बनाकर जनता की राय ले रही है जबकि नदियों में खनन के लिये जारी किये गये 400-500 पट्टे पहले की सरकार के कार्यकालों में ही जारी हुए। जहां तक नैनीसार में जमीन आवंटन का सवाल है जो वह राज्य सरकार की पर्वतीय क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिये निजी क्षेत्र के निवेश को बढावा देने की नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के हाथ उत्तराखंड में लोकतत्र की हत्या कर रहे हैं, उनसे ऐसे आरोप सुनना नागवार गुजरता है। रावत ने कहा, ‘जिन लोगों के हाथ उत्तराखंड में लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं, विधानसभा की मर्यादा की हत्या कर रहे हैं, संस्थाओं को तोडने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों से इस प्रकार के आरोप सुनना बहुत नागवार गुजरता है।’