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देहरादून: उत्‍तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान को ज़ख़्मी करने के आरोपी भाजपा विधायक गणेश जोशी को देहरादून की कोर्ट से ज़मानत नहीं मिली। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को  सिरे से खारिज कर दिया। उल्लेखनीय है कि भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान को कथित रूप से लाठी से हमला कर गिराने के आरोपी मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, विधायक जोशी को गिरफ्तार कर नेहरू कालोनी पुलिस थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। पुलिस के इस कदम से नाराज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पुलिस द्वारा विधायक जोशी को गिरफ्तार करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की थी और कहा कि सरकार विपक्ष के विधायक को एक झूठे मामले में फंसा रही है। इससे पहले, उत्तराखंड पुलिस ने इसी मामले में नैनीताल जिले के हल्द्वानी से भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता प्रमोद बोरा को भी गिरफ्तार किया था।

बोरा पर आरोप है कि उसने शक्तिमान की लगाम इस प्रकार से खींची कि वह अनियंत्रित हो कर गिरा और उसका पूरा वजन उसके शरीर के पिछले हिस्से पर आ गया और उसकी पिछली टांग की हड्डियां टूट गईं। उत्तराखंड पुलिस के प्रशिक्षित घोड़े शक्तिमान पर कथित रूप से लाठी से हमला कर उसे घायल करने के आरोप में भाजपा विधायक गणेश जोशी और उनके सहयोगियों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, शक्तिमान की जान बचाने के लिए चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उसकी टूटी टांग काट दी और उसकी जगह कृत्रिम पैर लगाया था।

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